
रेलवे ठेकेदार ने दी थी सिक्युरिटी गार्ड को मारने 5 लाख रुपए की सुपारी, गिरफ्तार
बिलासपुर. सिरगिट्टी थानांतर्गत फरहाखार में १० अप्रैल को हुई सिक्युरिटी गार्ड की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस सुपारी किलिंग के मामले में शामिल ३ आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर चुकी थी। अब ये पता चला कि बंगाल आसनसोल के रेलवे ठेकेदार ने सिक्युरिटी गार्ड को मरवाने के लिए सीवान जेल में बंद सुपारी किलर को ५ लाख रुपए में सुपारी दी थी। आरोपी मास्टरमाइंड प्रभुनाथ को पुलिस ने आसनसोल से गिरफ्तार कर लिया है। बिलासागुड़ी में मामले का खुलासा करते हुए एसपी नीरज चन्द्राकर ने बताया कि अन्नपूर्णा कॉलोनी निवासी शंकर प्रसाद पिता राम तपेश्वर (४३) की लाश १० अप्रैल को सिरगिट्टी थानांतर्गत ग्राम फदहाखार में कचरे के ढेर में मिली थी। इस मामले में 24 अपै्रल 2018 को मिथलेश उर्फ बबलू सिंह, बाबू पांडेय (बलिया निवासी), और अनूप तिवारी उर्फ गोलू पिता भरत तिवारी (२५) बलिया निवासी को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ में कई अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर आगे मामले की जांच की जा रही थी। पूछताछ में मिथलेश से पता चला कि सीवान जेल में बंद मृतक के फुफेरे भाई हरीश पासवान ने 3 लाख रुपए में उन्हें शंकर प्रसाद की हत्या की सुपारी दी थी। इसके बाद पुलिस ने सीवान जेल से हरीश पासवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसमें ये पता चला कि आसनसोल निवासी प्रभुनाथ सिंह पता श्यामलाल सिंह (५४) ने हरीश को शंकर की हत्या करने के लिए ५ लाख में सुपारी दी थी। हरीश ने इसके लिए विमलेश व उसके साथियों को पेटी कांट्रैक्ट पर 3 लाख रुपए सुपारी दे दी। मामला खुलने के बाद बिलासपुर से सकरी थाना प्रभारी रामनरेश गौतम, एसआई संधु, हवलदार अजय चौरसिया और अन्य पुलिस कर्मियों की टीम आसनसोल भेजी गई थी। ३० जून को टीम सिविल डे्रस में आसनसोल स्थित आरोपी के घर पहुंची। आरोपी के घर में सीसीटीवी कैमरे लगे थे। घर के मुख्य द्वार पर दो खूंखार कुत्ते थे। पुलिस कर्मी ठेकेदार बनकर घर में दाखिल हुए। बेडरूम में पहुंचने पर टीम को २ खूंखार कुत्ते और मिले। पुलिस को देखकर प्रभुनाथ बाथरूम में छिप गया था। पुलिस ने उसे बाथरूम से गिरफ्तार किया।
प्रभुनाथ ने इसलिए करवाई हत्या : आसनसोल से पकड़े गए आरोपी प्रभुनाथ ने पुलिस को बताया कि वह रेलवे में आयरन ओर व कोयले की पैकिंग करने का ठेकेदार है। मृतक शंकर और उसके २ अन्य साथी उसके लिए काम करते थे। मृतक और उनके २ अन्य साथियों को उसने छत्तीसगढ़ ओडिशा व आंध्रप्रदेश का सुपरवाइजर नियुक्त किया था। तीनों मिलकर उसे धोखा देकर लाखों का वारा न्यारा कर चुके थे। लेनदेन का विवाद होने पर शंकर व उसके साथियों ने काम छोड़ दिया था। इसी का बदला लेने के लिए उसने शंकर की हत्या करने के लिए हरीश को सुपारी दी थी।
ये है मामला : अन्नपूर्णा कॉलोनी निवासी शंकर प्रसाद पिता राम तपेश्वर (४३) की लाश १० अप्रैल 2018 को सिरगिट्टी थानांतर्गत ग्राम फदहाखार में कचरे के ढेर में मिली थी। मृतक के सिर पर कई जगह नुकीले औजार से हमले के निशान थे। मृतक उसलापुर कोल वासर में सिक्युरिटी सुपरवाइजर था। ८ मार्च को वह शाम 5 बजे कोल वासरी के मालिक धीेरेन्द्र की एक्टिवा लेकर गया था, लेकिन लौटकर नहीं आया। ९ अप्रैल को उसकी एक्टिवा एटीएम चौक पर मिली थी। मृतक के दोनों मोबाइल गायब थे। दूसरे दिन पुलिस को मृतक के मोबाइल का सिमकार्ड एक ट्रक चालक के पास मिला था। उसने बताया कि सड़क किनारे उसे मोबाइल टूटा-फूटा मिला था। मृतक की पत्नी राखी ने बताया कि मृतक कुछ दिन पूर्व बिहार स्थित बक्सर से गृहग्राम लौटा था। घटना के बाद मृतक के मोबाइल का सीडीआर (कॉल डिटेल रिकार्ड) खंगाला गया, जिसमें एक नंबर बिहार के ३ मोबाइल नंबर से मृतक के मोबाइल पर लगातार बाते होने की जानकारी मिली। घटना से पूर्व मृतक के साथ बिहार से आए कुछ व्यक्तियों के रहने और घूमने फिरने की जानकारी मिली। मृतक के मोबाइल पर जिस नंबर से लगातार बात हो रही थी उस नंबर का लोकेशन उत्तरप्रदेश के रेनूकुट में मिला। पुलिस टीम रेनूकूट भेजी गई और वहां किराए के मकान में रह रहे मिथलेश उर्फ बबलू सिंह पिता हरदेव सिंह (४३) मूल निवासी रसड़ा जिला बलिया को मोबाइल उपयोग करते पकड़ा गया। पूछताछ में उसने शंकर प्रसाद की हत्या करना स्वीकार कर लिया। इस मामले में पुलिस ने 24 अपै्रल 2018 को मिथलेश उर्फ बबलू सिंह, बाबू पांडेय (बलिया निवासी), और अनूप तिवारी उर्फ गोलू पिता भरत तिवारी (२५) बलिया निवासी को गिरफ्तार किया था।
हत्या करने आए थे ३ लोगों की, बच गए २ व्यक्ति : एएसपी चन्द्राकर ने बताया कि हरीश ने छत्तीसगढ़ में मृतक समेत ३ अन्य व्यक्तियों की हत्या की सुपारी विमलेश , बाबू पाण्डेय और मिथलेश को दी थी। तीनों रायपुर निवासी अनूप तिवारी के साथ मिलकर शंकर व २ अन्य व्यक्तियों की हत्या करने छत्तीसगढ़ आए थे। २ व्यक्ति के नहीं मिलने पर आरोपी शंकर की हत्या करने के बाद फरार हो गए थे।
मामले का एक आरोपी विमलेश सिंह फरार
इस मामले में आरोपी विमलेश सिंह (बलिया निवासी) अब तक फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।
Published on:
03 Jul 2018 01:01 pm
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