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आधे बिल की राहत घटी! 400 की जगह 100 यूनिट पर सीमित, लाखों परिवारों पर असर

CG Electricity Bill: जिले में करीब तीन लाख से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं जिनका बिल पहले की तुलना में अचानक बढ़कर आया है और उनका मासिक बजट बिगड़ गया है।
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बिलासपुर

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Shradha Jaiswal

•

Updated: 9 Sep 2025, 2:11 PM IST

आधे बिल की राहत घटी! 400 की जगह 100 यूनिट पर सीमित, लाखों परिवारों पर असर(photo-patrika)

आधे बिल की राहत घटी! 400 की जगह 100 यूनिट पर सीमित, लाखों परिवारों पर असर(photo-patrika)

CG Electricity Bill: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सितंबर माह का बिजली बिल आते ही उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। जिले में करीब तीन लाख से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं जिनका बिल पहले की तुलना में अचानक बढ़कर आया है और उनका मासिक बजट बिगड़ गया है।

पहले राज्य सरकार की बिजली बिल हाफ योजना के तहत 400 यूनिट तक की खपत पर उपभोक्ताओं को आधा बिल चुकाना पड़ता था। यानी 400 यूनिट तक खपत होने पर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलती थी और 400 यूनिट से ऊपर जितनी खपत होती थी, उसी पर पूरा बिल जोड़ा जाता था। लेकिन अब नियमों में बदलाव कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत सिर्फ 100 यूनिट तक की खपत करने वालों को ही योजना का लाभ मिलेगा।

CG Electricity Bill: 20 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी से घरेलू उपभोक्ता परेशान

जोरापारा सरकंडा निवासी प्रभात सोनछत्र बताते हैं कि पहले उनका मासिक बिजली बिल 300 से 500 रुपये के बीच आता था। गर्मी के मौसम में खपत बढ़ने पर यह बिल 600 से 700 रुपए तक पहुंच जाता था। लेकिन सितंबर माह में बिल दोगुना आया है। उन्होंने बताया कि इस बार 146 यूनिट खपत पर 770 रुपये का बिल आया है। जबकि इसके पहले 198 यूनिट की खपत पर उनका बिल केवल 509 रुपए आया था।

बंधवापारा निवासी सचिन यादव ने बताया कि पहले उनका मासिक बिल 600 से 700 रुपए आता था। लेकिन इस बार योजना का लाभ बंद होने से उनका बिल लगभग एक हजार रुपए से अधिक आया है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर शहर के बहुत कम उपभोक्ता ही ऐसे हैं जिनकी खपत 100 यूनिट तक सीमित रहती है। अधिकतर परिवारों की खपत 150 से 300 यूनिट के बीच होती है, इसलिए नई व्यवस्था ने लोगों का बजट बिगाड़ा है।

महंगाई में एक और अतिरिक्त बोझ

बिजली बिल बढ़ जाने से उपभोक्ताओं में नाराजगी और असंतोष साफ देखा जा रहा है। जिन परिवारों का मासिक खर्च पहले से महंगाई के कारण बढ़ा हुआ था, अब उन्हें बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि महंगाई दिनों-दिन बढ़ रही है, लेकिन सैलरी हर साल पांच सौ-हजार रुपए बढ़ जाए तो बहुत है।

100 यूनिट से ऊपर वालों की राहत छीनी

ई-व्यवस्था का असर सीधे तौर पर उन उपभोक्ताओं पर पड़ा है जिनकी खपत हर माह 100 यूनिट से अधिक होती है। नतीजा यह हुआ कि उनका बिल लगभग दोगुना हो गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार को कम से कम 100 यूनिट तक तो सभी को छूट देनी चाहिए थी और उसके ऊपर जितनी खपत होती, उस पर पूरा पैसा लेना चाहिए था। अब योजना सिर्फ 100 यूनिट या उससे कम खपत तक ही सीमित रह गई है, जिससे लाखों उपभोक्ता परेशान हो गए हैं।

बिल में दिक्कत तो डिवीजन ऑफिस में करें कंप्लेन

यदि किसी उपभोक्ता को संदेह है या बिल, मीटर को लेकर कोई समस्या है तो वह अपनी शिकायत जहां बिजली बिल पटाते हैं उस जगह या डिवीजन ऑफिस में बिजली बिल की फोटोकॉपी के साथ एक आवेदन देकर कर सकते हैं। वहां से तुरंत कर्मचारी नया मीटर लेकर उपभोक्ता के घर जाकर पुराने मीटर की जांच कर यदि मीटर में समस्या है तो उसे बदल देंगे। मोर बिजली एप में भी शिकायत की जा सकती है।-मुकेश माथुर, पीआरओ, सीएसपीडीसीएल।

निट पहले अमाउंट अब अमाउंट

0 से 100 3.90 390 4.10 410

101से 200 4.10 410 -820 4.20 424.20

201से 400 5.50 1105.50-2200 5.60 1125.60

401से 600 6.50 2605.50-3900 6.60 2646.60

601 से आगे 8.10 4868.10 8.30 4988.30

नोट: आंकड़े रुपए में