
बिलासपुर . न्यायालय से जारी दो करोड़ के कुर्की आदेश से निगम कार्यालय में शुक्रवार को पूरे दिन खलबली मची रही। वकील और मचकुरी को साथ लेकर पहुंचे मेनहार्ट के इंजीनियर ने उपायुक्त, प्रभारी कार्यपालन अभियंता समेत 4 वाहनों को चिन्हित किया, लेकिन उनकी चाबी नहीं मिली। इंजीनियर मचकुरी और कोर्ट के आदेश को लेकर अफसरों के चेंबर के चक्कर काटते रहे, लेकिन सभी ने हाथ खड़े कर दिए। इधर मौका पाते ही अफसर गाड़ी लेकर फुर्र हो गए। नगरीय प्रशासन मंत्री के गृहनगर में नगर निगम की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ले देकर मुद्रांक शुल्क से वेतन का भुगतान करने की जुगत जमाई तो सफाई ठेकेदारों ने हड़ताल का एेलान कर दिया। वेतन और सफाई ठेकेदारों का भुगतान हो गया तो अब मेनहार्ट कंपनी कोर्ट से 2 करोड़ का कुर्की वारंट लेकर चल संपत्ति को अपने अधीन लेने पहुंच गई। इसे लेकर शुक्रवार को नगर निगम में पूरे दिन खलबली मची रही। वकील और मचकुरी के साथ पहुंचे कंपनी के इंजीनियर ने नीचे पार्किंग में खड़ी महापौर और उपायुक्त समेत चार वाहनों को ले जाने लिखापढ़ी की तो उसकी चाबी नहीं मिली। इंजीनियर और मचकुरी अफसरों के चेंबर के चक्कर काटते रहे, लेकिन सभी ने हाथ खड़े कर दिए।
ये है आदेश में : जिला न्यायालय से जारी डिक्री आदेश में मेनहार्ट सिंगापुर प्राइवेट लिमिटेड को निगम के सोफा, आलमारी, एसी, कूलर, पंखे, टेबल, कुर्सी समेत समस्त चल संपत्ति को अपने अधीन लेकर दो करोड़ की भरपाई का आदेश दिया गया है। वकील और मचकुरी के साथ पहुंचे कंपनी के इंजीनियर ने नगर निगम की १०२ गाडि़यों की सूची रखी थी। नंबर का मिलान करने पर महापौर, उपायुक्त और प्रभारी कार्यपालन अभियंता समेत चार अफसरों की गाडि़यां विकास भवन के पार्किंग में खड़ी मिली। लिखापढ़ी करने के बाद जब चालकों से वाहनों की चाबी मांगी गई उन लोगों ने अफसर से बात करने के लिए कहा। इसके बाद मचकुरी और कंपनी के इंजीनियर अफसरों के चेंबर के चक्कर काटते रहे।
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ये है मामला : तत्कालीन निगम आयुक्त रानू साहू ने कार्य के दौरान सुपरविजन न होने और कार्य में लेटलतीफी पर मेनहार्ट कंपनी पर 2 करोड़ का जुर्माना ठोंका था। कंपनी ने इसके विरोध में काम ही ठप कर दिया। इसके बाद तय प्रक्रिया के तहत निगम प्रशासन ने कंपनी के खिलाफ ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई की, जिससे कंपनी ने निगम के खिलाफ मामला दायर कर दिया। न्यायालय ने मैनहार्ट के पक्ष में 2 करोड़ की डिक्री दी है।
ये कार्य दिया गया था कंपनी को : राज्य शासन ने सिंगापुर की मैनहार्ट कंपनी को साढ़े चार करोड़ रुपए में पूरी योजना की प्लानिंग कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने और इसके अनुरूप पूरे कार्य की मानिटरिंग करने का कार्य दिया था।
चारों वाहन भी हो गए फुर्र : कंपनी के इंजीनियर ने वकील और मचकुरी के साथ जिन चार वाहनों को नंबर के आधार पर चिन्हांकित किया उनकी चाबी लेने के लिए सभी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे वापस लौटे तो वाहन ही गायब थे।
जब बुलाया जाए तभी आना : कुर्की वारंट को लेकर जहां निगम में खलबली मची रही। वहीं अफसर इन सबसे आरामतलब दिखे। वे अपने चालकों को कॉल करके हिदायत देते रहे कि तत्काल पार्किंग से गाड़ी लेकर रवाना हो जाएं और तभी आएं, जब बुलाया जाए।
ऊपरी अदालत में की गई अपील : न्यायालय द्वारा मैनहार्ट प्राइवेट लिमिटेड को दी गई डिक्री के विरोध में फिर ऊपरी अदालत में मामला दायर किया गया है। कंपनी के इंजीनियर वकील और मचकुरी लेकर आए थे फिलहाल गाड़ी या निगम की कोई संपत्ति नहीं ले गए हैं।
पीके पंचायती, प्रभारी कार्यपालन अभियंता, नगर निगम
Published on:
14 Oct 2017 12:40 pm
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