लेकिन सम्पवेल की सफाई नहीं किया जा रहा थी। जब बोर से निकलने वाला पेयजल सबसे पहले सम्पवेल में जाता है। इसके बाद टंकियों में पहुंचता है। केवल टंकियों की सफाई से गंभीर बीमारियों का खतरा नहीं टलता। टेपनलों के जरिए निगम का पेयजल इस्तेमाल करने वाले शहर के लाखों लोगों पर पीलिया-डायरिया का मंडराता रहता। इस मुद्दे को उठाते हुए 'पत्रिकाÓ ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की और निगम प्रशासन को आगाह किया, जिसके बाद निगम प्रशासन अलर्ट हुआ। नगर निगम के अधीक्षण यंत्री भागीरथ वर्मा ने इसे गंभीरता से लेते हुए बुधवार को जल विभाग के प्रभारी अजय श्रीवासन को तलब किया। उन्हें सभी सम्पवेल की सफाई करवाने के निर्देश दिए। जल विभाग के प्रभारी अजय श्रीवासन ने बताया 13 टंकियों की सफाई हो चुकी है। तीन टंकियों की सफाई शुक्रवार तक हो जाएगी। इसके बाद शनिवार से सम्पवेल की सफाई शुरू कर दी जाएगी।