
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Photo Credit - IANS/ANI)
ईरान के कई प्रांतों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच कथित तौर पर 500 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान उनकी सरकार द्वारा तय की गई 'रेड लाइन' को पार करता दिख रहा है।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान ने प्रदर्शनकारियों के साथ बर्ताव को लेकर उनके द्वारा खींची गई रेड लाइन को पार कर लिया है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- हां, ऐसा लगता है।
ट्रंप ने ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग हिंसा के जरिए शासन कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिकी सरकार वहां की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है।
ट्रंप ने कहा- ऐसा लगता है कि प्रदर्शन करने वाले कुछ ऐसे लोग मारे गए हैं जिन्हें नहीं मारा जाना चाहिए था। ये हिंसक हैं। अगर आप उन्हें नेता कहते हैं, तो मुझे नहीं पता कि वे नेता हैं या वे सिर्फ हिंसा के जरिए शासन कर रहे हैं। लेकिन हम इसे बहुत गंभीरता से देख रहे हैं। सेना इस पर नजर रख रही है। हम कुछ बहुत मजबूत विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हम जल्द फैसला करेंगे।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन खास कदमों के बारे में विस्तार से नहीं बताया जो वॉशिंगटन उठा सकता है, लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को ईरान को निशाना बनाने वाले कई सैन्य विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को पेश किए गए विकल्पों में तेहरान में चुनिंदा जगहों पर लक्षित हमले शामिल हैं। इसमें सरकार के आंतरिक सुरक्षा तंत्र से जुड़े गैर-सैन्य बुनियादी ढांचे भी शामिल हैं।
इससे पहले, ट्रंप ने कहा था कि ईरान अब आजादी की ओर देख रहा है, शायद पहले ऐसा कभी नहीं सोचा गया होगा। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।
पिछले 15 दिनों से, ईरान देश के कई प्रांतों में बढ़ती महंगाई और आर्थिक कठिनाइयों के खिलाफ गंभीर अशांति व विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहा है।
ये विरोध प्रदर्शन जल्द ही देशव्यापी तनावपूर्ण अशांति में बदल गए, जिसमें प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं।
ईरान में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर कम से कम 544 लोग मारे गए, जबकि दर्जनों अन्य मामलों की अभी भी जांच चल रही है।
इसके अलावा, 10,681 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है और उन्हें जेलों में भेज दिया गया है। देश भर में 585 जगहों पर प्रदर्शन हुए, जिसमें सभी 31 प्रांतों के 186 शहर शामिल हैं।
विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को शुरू हुए और कई शहरों में फैल गए, जिसके जवाब में अधिकारियों ने गिरफ्तारियां, कार्रवाई और बल का इस्तेमाल किया। उधर, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी ट्रंप का समर्थन करते हुए कहा कि देश का बुरा सपना जल्द ही खत्म होने वाला है।
Published on:
12 Jan 2026 08:55 am
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