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एक हजार मामलों में नहीं मिले चोर, पुलिस ने भेज दिया खात्मा

600 मामलों में चोरों को पकडऩे मशक्त कर रही पुलिस...

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SP office bilaspur

एक हजार मामलों में नहीं मिले चोर, पुलिस ने भेज दिया खात्मा

5 करोड़ की संपत्ति ले उड़े चोर, सुराग नहीं मिलने से पुलिस ने फाइल कर दी बंद

बिलासपुर . जिले में शातिर चोरों की भरमार है। जनवरी 2017 से मई 2018 के बीच हुए 1000 वारदातों में पुलिस चोरों को नहीं पकड़ पाई, बल्कि मामले का खात्मा कर दिया। वहीं 2 लाख से अधिक की चोरी की 600 वारदातों में सुराग लगाने के लिए पुलिस मशक्कत कर रही है। जिन 1000 मामलों में पुलिस ने खात्मा भेजा, उनमें चोरो ने 5 करोड़ से अधिक की संपत्ति पार कर दी।
शहर में जिस अनुपात में जनसंख्या बढ़ रही है, उसी अनुपात में चोरी की वारदातें भी बढ़ी हैं। चोरी की शिकायत पर अपराध दर्ज करने में आनाकानी करने वाली पुलिस ने चोरों को पकडऩे से भी हाथ खडें कर दिए हैं। जनवरी 2017 से मई 2018 के बीच 18 महीनों में पुलिस ने चोरी के 1000 से अधिक प्रकरणों में खात्मा कर दिया है। इन प्रकरणों में चोरों ने 5 करोड़ से अधिक की संपत्ति पार दी है। चोरी के प्रकरणो में पुलिस को एक भी चोर नहीं मिले हैं। वहीं 2 लाख और उससे अधिक की चोरी की 600 वारदातों में पुलिस चोरों को पकडऩे मशक्कत कर रही है, लेकिन चोर हाथ नहीं लगे।

पारधी गिरोह के पकड़ाते ही खात्मे पर भेजे गए 23 मामलों का हुआ था खुलासा
पुलिस ने वर्ष 2013 में एमपी के पारधी गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। गिरोह के सदस्य वर्ष 2009 से चोरी की वारदातों को अंजाम देते आ रहे थे। गिरोह के सदस्यों अधिकांश चोरी की वारदातें सिविल लाइन क्षेत्र में की थीं, जिनमें पुलिस 23 मामलों का खात्मा कर चुकी थी। इन मामलों को फिर से खोलकर पुलिस ने गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी कर चोरी का माल जब्त किया था।

बाहरी गिरोह सक्रिय
चोरों ने अधिकांश वारदातें सूने मकानों में की। खिडक़ी का ग्रील उखाडऩे और दरवाजे का कुंदा तोडकऱ करोड़ों का माल पार कर दिया। प्राय: ऐसी वारदातों को दूसरे प्रदेश के गिरोह अंजाम देते रहे हैं। मुख्य रूप से एमपी के पारधी गिरोह इसमें माहिर हैं।

नहीं होती हॉटल-लॉजों की जांच
दूसरे प्रदेशों से आने वाले मुसाफिरों की जांच करने का काम पुलिस का है। मुसाफिर लॉज और होटलों में ठहरते हैं। वर्ष 2013 में दिल्ली का चोर गिरोह शहर के होटल में ठहरा था। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को पकड़ लिया था, लेकिन चोरी का माल रखने वाले 2 सदस्य साथी के पकड़े जाने कीभनक लगते ही फरार हो गए थे।

बाइक चोरी के मामलों में जांच नहीं
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में रोज बाइक चोरियां हो रही हैं। चोरी की शिकायत दर्ज कराने जाने पर पुलिस शिकायतकर्ता को एक सप्ताह तक बाइक तलाश करने की हिदायत देती है। बाइक नहीं मिलने पर पर एफआईआर दर्ज करती है। एफआईआर के बाद बाइक चोरी के मामलों में पुलिस जांच किए बिना ही खात्मा कर देती है।