
रेलवे स्टेशन सायकल स्टैण्डर में खड़ी लवारिश बाइकों ने रोकी विकाश की रफ्तार, 3 साल से आरपीएफ व जिला पुलिस के बीच केवव पत्राचार - नतिजा रहा शुन्य
बिलासपुर रेलवे स्टेशनों के पार्किंग में सालो से खड़ी लवारिस बाइके स्टेशन विकास में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। इसका कारण वर्षो से खड़ी बाइक के मालिको को पता लगाने केवल प्रयास हो रहा है। नतिजा अंत में शुन्य रहता है। बिलासपुर रेंज आईजी ने एक बार फिर कवायद शुरू की गई है। रेलवे आरपीएफ व जिला पुलिस के बीच तालमेल स्थापित कनरे की। समंव्य स्थापित करने के उद्देश्य से आरपीएफ ने तोरवा थाने के साथ ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय को लवारिश कबाड़ हो चुकी गाड़ियों के इंजन नम्बरों की सूची भेजी है। एक बार लवारिस वाहनों की सूची भेज की मालिको की पता तलाश करने पत्राचार किया है।
वर्ष 2018-19 में तत्कालिन सुरक्षा आयुक्त ऋषि शुक्ला की पहल पर रेलवे सायकल स्टैण्ड में वर्षो से लवारिश पड़े, बाइक मालिको की तलाश करने पुलिस विभाग से सम्पर्क किया गया था। 121 लवारिश वाहनों की सूची तोरवा थाने को सौंपी गई थी। तत्कालिन थाना प्रभारी ने आरटीओ से सम्पर्क कर वाहनों का रजिस्ट्रेशन खंगालने का आश्वासन भी दिया था। कोरोना काल के दौरान मामला ठंडे बस्ते में चला गया। स्थिति सामान्य होने के बाद एक भी कबाड़ हो चुके बाइको के निराकरण के लिए आरपीएफ ने पहल शुरू की है। पुलिस महानिरीक्षक बद्री नारायण मीणा ने पूर्व में रेंज स्तर पर बैठक कर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा के साथ ही आरपीएफ व जीआरपी से समंव्य स्थापित करने का निर्देश दिया था। रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने बैठक में लवारिश वाहनों के निराकरण की बात उठाई थी। बैठक के दौरान निराकरण का आश्वासन दिया गया था। आईजी बीएन मीणा ने बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती व गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के अंतर्गत आने वाले सभी रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यस्था व अपराध रोकथाम के साथ ही रेलवे स्टेशनों के स्टैण्ड़ में खड़े लावारिस वाहनों की जानकारी संबंधित जिलों की पुलिस को उपलब्ध कराने कहां गया था। आरपीएफ ने सूची बना कर गाड़ियों के चेचिस नम्बर की सूची पुलिस कप्तान के साथ ही संबंधित थानो को दी है।
लावारिस गाड़ियों की वजह से रुका हुआ है विकास कार्य
बिलासपुर रेलवे स्टेशन में बहुत से विकास कार्य प्रस्तावित है विकास कार्यों में एक कार्य साइकिल स्टैंड को शिफ्ट करना भी है लेकिन इन लावारिस वाहनों की वजह से स्टैंड शिफ्टिंग का काम भी अधर में अटका हुआ है
लावारिस वाहनों का निराकरण काफी जटिल
बिलासपुर रेलवे स्टेशन के साइकिल स्टैंड में वर्ष 2019 से अब तक कुल 121 बाइक ऐसे हैं जिन्हें रेलवे चाह कर भी ना तो नीलाम कर सकता है और ना ही इन्हें रखने के लिए उचित व्यवस्था प्रबंधन के पास है अगर इन गाड़ियों का कोई वारिस आकर मांग करने लगे तो यह रेलवे के लिए भी बड़ी चुनौती है कानूनी अड़चनों को देखते हुए रेल प्रबंधन जिला पुलिस के माध्यम से वाहनों को निराकृत करने की दिशा में काम कर रहा है
रेलवे स्टेशन की जगह पर बनना था ग्रीन जोन
वर्ष 2019 में बिलासपुर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम बनाने की योजना तैयार की गई थी योजना के तहत साइकिल स्टैंड की जगह को रेलवे ग्रीन जोन की तर्ज पर विकसित करने का मैप तैयार किया था| लेकिन लावारिस वाहनों के निराकरण ना होने की वजह से योजना आधार में अटकी हुई है|
तोरवा थाने को भेजी लवारिश वाहनों की सूची
स्टेशन में खड़े लावारिश वाहनों की सूची पुलिस अधीक्षक कार्यालय के साथ ही संबंधित थानो को दी गई है। गाड़ियों के मालिकों की तलाश होने पर इन वाहनो के निराकरण हो पाएंगे।
भास्कर सोनी, आरपीएफ पोस्ट बिलासपुर
Published on:
22 Mar 2023 10:34 am
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