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हेल्थ स्मार्ट कार्ड में जीरो बैलेंस अफसरों पर भड़के प्रमुख सचिव

नया बैलेंस 50 हजार तो दूर पुराना बैलेंस 30 हजार रुपए तक शो नहीं हो रहा।

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बिलासपुर . जिले में लगभग एक लाख स्मार्ट कार्ड में बैलेंस नहीं है। इस कारण मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा। 'पत्रिका' में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने सीएमएचओ पर नाराजगी जताते हुए जीरो बैलेंस वाले स्मार्ट कार्डधारियों के लिए इलाज की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं। इस मुद्दे पर सीएमएचओ बीबी बोर्डे ने बताया कि जिनके स्मार्ट कार्ड में बैलेंस नहीं है, वह मरीज जिस अस्पताल में भर्ती है उस अस्पताल को इलाज में मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत बनाए गए स्मार्ट कार्ड खाली हैं। इसमें नया बैलेंस 50 हजार तो दूर पुराना बैलेंस 30 हजार रुपए तक शो नहीं हो रहा। इसकी शिकायत लगातार स्वास्थ्य विभाग में की जा रही थी, लेकिन विभागीय अफसर ध्यान नहीं दे रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण हजारों मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा। बताया जाता है इस मामले को स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव सुब्रत साहू ने गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ पर नाराजगी जताई। सीएमएचओ ने स्मार्ट कार्ड के प्रभारी गिरीश दुबे को तलब कर कहा कि जिस स्मार्ट कार्ड धारक के कार्ड में बैलेंस नहीं है, जरूरत पर उसके या उसके परिजन के इलाज की जिम्मेदारी संबंधित अस्पताल के संचालक पर होगी। सीएमएचओ बीबी बोर्डे ने इस काम को गुरुवार से शरू करने के निर्देश दिए हैं।

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जानकारी के अनुसार जिले में 4 लाख 66 हजार स्मार्ट कार्ड बनाए गए हैं। इसमें से 98 हजार 585 कार्ड में बैलेंस नहीं हैं। इस मामले में जानकारी लेने के लिए प्रमुख सचिव सुब्रत साहू से उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
स्थानीय स्तर पर नहीं हो पा रहा समाधान : इस तहर के कई मुद्दों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का रवैया बेहद उदासीन है। अव्वल तो वे खुद होकर इस पर संज्ञान नहीं लेते। मामले से अनजान बनने की कोशिश करते हैं। इस पर यदि उन्हें समस्या बताई भी जाए तो वे समाधान के बजाय टालने की कोशिश अधिक करते हैं।
ये भी है गड़बड़ी : कार्ड में नाम गलत है। फोटो किसी और का है, अंगूठे का निशान नहीं मिल रहा। एक कार्ड में एक ही व्यक्ति का नाम दिख रहा। जबकि पूरे परिवार का नाम शो करना चाहिए।
संबंधित अस्पताल को किया जाएगा कॉल : जिसके स्मार्ट कार्ड में बेलेंस नहीं है। उसके इलाज कराने की जिम्मेदारी हमारी है। अगर मरीज किसी अस्पताल में भर्ती है, तो हमें आकर सूचना दें, मरीज का इलाज करने के लिए संबंधित अस्पताल को कॉल किया जाएगा। इस काम का प्रभार गिरीश दुबे को दिया गया है।
बीबी बोर्डे, सीएमएचओ

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