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अब नहीं करेगा किसान आत्महत्या, डैम को सूखने से बचाएगा केमिकल

देश के नेताओं ने इस पर राजनीति कर रोटियां भी सेंकी, मगर इससे किसानों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।

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Indresh Gupta

Oct 14, 2015

worst situation in CM

districts hit by drought

बोकारो। इस साल पूरे देश में भयंकर गर्मी पड़ी, जिससे देश के कई हिस्सों में सूखे के हालात बन गए। बारिश नहीं होने से किसानों के चेहरे पीले पड़ने लगे। जिसके चलते कई जगहों पर किसानों ने मौत को गले लगा लिया। किसान अपने खेतों में पड़ी 'दरार की मार' को झेल नहीं पाया और खुदकुशी जैसे कदम उठाने लगा। किसानों की खुदकुशी देश में बड़ा मुद्दा भी बनी लेकिन बस कुछ वक्त के लिए ही, देश के नेताओं ने इस पर राजनीति कर रोटियां भी सेंकी, मगर इससे किसानों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।

जिसे ध्यान में रखते हुए राजधानी रांची में एक ऐसा केमिकल बनाया गया है जो डैम के पास छिड़कने से डैम को सूखने से बचाया जा सकेगा। इस वर्ष बारिश कम होने से जल का स्तर काफी गिरा, जिससे पूरे देश में सूखे के आसार बन गए। आपको बता दें कि बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में सूखे का खासा असर देखने को मिला। जिसका सबसे अधिक खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। समय पर फसलों को पानी न मिलने से फसलें नष्ट हो गई, धान की फसल पीली पड़ गई।

मौसम विभाग का कहना है कि यदि आने वाले चंद दिनों और महीनों बारिश की यही स्थिति रहती है तो अगले साल गर्मी में पानी को लेकर भयंकर समस्या हो सकती है। जिसके चलते अभी से पानी को संचित करना पड़ेगा। देश में पेयजल को लेकर भी संकट गहरा सकता है। रांची को पेयजल संकट से निबटाने के लिए एक नई तकनीक का सहारा लिया गया है।

इस तकनीक के माध्यम से राजधानी रांची के लोगों को पेयजल के संकट से मुक्ति दिलाई जा सकती है। दरअसल, डैम के पानी सूखने का एक कारण जल का वाष्पीकरण यानी 'इवापोरेशन' है। इसे रोकने के लिए एक केमिकल का प्रयोग किया जाएगा। जिससे यह केमिकल डैम को सूखने से बचा सकता है। पेयजलापूर्ति विभाग के सचिव ने कहा है कि इस केमिकल के माध्यम से रांची के डैम को सूखने से बचाया जा सकता है।

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