वीर दास को जो DM मिला बेहद अभद्र भाषा से भरा था, जिसमें लिखा था, "मद**र मरो। ऐसी मौत मरो जिसका कोई दुख न मनाए, भद्दे इंसान।" इस स्क्रीनशॉट के साथ वीर ने अपने अंदाज में लिखा, "आह, वो कोमल शब्द जो पतझड़ की हवा में पंख की तरह आपकी तरफ तैरते हैं... जब भी टू इंडिया का स्पीच वायरल होता है ऐसा ही कुछ होता है, ये कितना सच्चा है।" इतना ही नहीं, उन्होंने आगे कहा, "दयालुता हवा में ऐसे भर जाती है जैसे सूरज की पहली किरणें आपके DMs को भेदती हैं। व्यूज में बढ़ोतरी ऐसे होती है जैसे गौरैया नमी वाले बादल की ओर उड़ती हैं, जो थोड़ी देर के लिए एक छोटी-सी डाल पर अपना देशभक्ति का गाना गाती है... एक तोहफे की तरह।"