राजपाल यादव के वकील के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक फाइनेंसर द्वारा 5 करोड़ रुपये के निवेश से हुई थी, जिसे यादव ने कभी चुकाने से इनकार नहीं किया। हालांकि घटना के बाद से ये रकम बढ़कर करीब 11 करोड़ रुपये हो चुकी है। अब भास्कर ने बताया कि अब तक 2.5 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 1 करोड़ रुपये रजिस्ट्री में जमा किए गए थे, और हाल ही में 25 लाख रुपये का चेक भी कोर्ट में पेश किया गया है।