
Preity Zinta
कई सुपरहिट फिल्मों में नजर आईं बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा अपने गालों के खूबसूरत डिंपल और मासूम चेहरे से सभी को अपना दीवाना बना चुकी हैं। उन्होंने बॉलीवुड को कई बेहतरीन फिल्में दी हैं। अब प्रीति जिंटा ने खुद की जिंदगी से जुड़ा एक बडा राज सबके सामने खोला है। प्रीति जिंटा का कहना है कि उनको बास्केटबॉल में काफी दिलचस्पी थी। बास्केटबॉल उनका प्रिय खेल है। खाली समय में वह बास्केटबॉल खेला करती थी।
'दिल से' और 'कल हो ना हो' के लिए मिला अवॉर्ड
वह तेलुगू, तमिल और पंजाबी फिल्म-उद्योग का जाना-माना नाम है। उन्हें उनकी पहली फिल्म 'दिल से' के लिए बतौर सर्वश्रेष्ठ नई अदाकारा फिल्मफेयर अवार्ड से नवाजा गया। इसके बाद वर्ष 2003 में उन्हें फिल्म 'कल हो ना हो' के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
13 साल में छूट गया पिता का साथ
उनके पिता दुर्गानंद जिंटा एक सैन अधिकारी थे। मगर प्रीति जब 13 वर्ष की थीं, उसी समय पिता का साथ छूट गया। एक कार दुर्घटना ने उनसे उनके पिता को छीन लिया। इस हादसे से आहत उनकी मां दो साल तक बिस्तर पर ही रहीं। उस कार दुर्घटना ने प्रीति के जीवन को पूरी तरह बदलकर रख दिया। हंसती, खिलखिलाती, मौज करने वाली प्रीति के कंधों पर पूरे घर की जिम्मेदारी आ गई।
बॉस्केटबॉल की शौकीन
प्रीति स्कूल के दिनों में खाली में बॉकेस्टबॉल खेलने की शौकीन थी। उस वह अपने खाली समय में वह बास्केटबॉल खेला खेलती थीं। पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रीति ने मॉडलिंग के जरिए विज्ञापन की दुनिया में कदम रखा।
शेखर की फिल्म से किया डेब्यू
प्रीति ने बतौर लीड अभिनेत्री फिल्म 'सोल्जर' से अपने कॅरियर की शुरूआत की। इसके बाद उन्होंने 'संघर्ष', 'मिशन कश्मीर', 'अरमान', 'फर्ज', 'ये रास्ते प्यार के', 'कोई मिल गया', 'दिल चाहता है', 'सलाम-नमस्ते', 'कभी अलविदा ना कहना', 'दिल से', 'इश्क इन पेरिस', 'क्या कहना', 'दिल है तुम्हारा' जैसी खूबूसरत फिल्मों में अभिनय किया।
Published on:
30 Jan 2018 07:13 pm

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