कभी पैसे कमाने के लिए ये सुपरस्टार करता था बावर्ची का काम
Rahul Yadav
Publish: Sep, 09 2018 05:35:54 (IST)
कभी पैसे कमाने के लिए ये सुपरस्टार करता था बावर्ची का काम

साल 1994 अक्षय कुमार के सिने कॅरियर के लिए अहम वर्ष साबित हुआ।

बॉलीवुड में खिलाड़ी कुमार के नाम से मशहूर एक्टर अक्षय कुमार का नाम उन गिने चुने अभिनेताओं में शुमार किया जाता है जिसने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिल में अपनी एक खास जगह बना रखा है। इनका जन्म 9 सितंबर, 1967 को पंजाब के अमृतसर में एक मध्यम वर्गीय पंजाबी परिवार में हुआ था। अक्षय का मूल नाम राजीव भाटिया है। उनका बचपन दिल्ली में बीता और अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह बैंकॉक चले गए। वहां उन्होंने पैसे कमाने के लिए बावर्ची का काम किया।

 

 

Akshay Kumar

इसलिए कमाने पड़े थे पैसे

बैंकॉक में उन्होंने पैसे कमाने के लिए बावर्ची काम किया। इन पैसों से वह वहां पर मार्शल आर्ट सीखा करते थे। बैंकाक से लौटने के बाद अक्षय कुमार मुम्बई आ गए और मार्शल आर्ट ट्रेनर का काम करने लगे। इसी दौरान अक्षय की मुलाकात फिल्मकार प्रमोद चक्रवर्ती से हुई और उनसे अपनी फिल्म 'दीदार' में काम करने के लिए कहा। हालांकि इससे पहले अक्षय की फिल्म 'सौगंध' प्रदर्शित हो गयी थी।

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Akshay Kumar

इन फिल्मों से बदली किस्मत

इस बीच निर्देशक अब्बास मस्तान की नजर अक्षय कुमार पर पड़ी। उन्होंने उनसे अपनी फिल्म 'खिलाड़ी' में काम करने का प्रस्ताव किया। रहस्य और रोमांच से भरी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई। फिल्म 'खिलाड़ी' की सफलता के बाद अक्षय फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए। इसके बाद फिल्मकारों ने उन्हें लेकर खिलाड़ी टाइटल वाली कई फिल्मों का निर्माण किया। इनमें 'मै खिलाड़ी तू अनाड़ी' 'सबसे बड़ा खिलाड़ी', 'खिलाड़ियों का खिलाड़ी', 'मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी', 'इंटरनेशनल खिलाड़ी' और 'खिलाड़ी 420' जैसी हिट फिल्में हैं। साल 1994 अक्षय कुमार के सिने कॅरियर के लिए अहम वर्ष साबित हुआ। इसी वर्ष उनकी 'ये दिल्लगी' 'मोहरा', 'सुहाग' और 'ऐलान' जैसी सुपरहिट फिल्में प्रदर्शित हुईं। उन्हें अपनी फिल्मों के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के तौर पर नवाजा भी जा चुका है।

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