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ये शख्स था अमिताभ का ‘दूसरा पिता’, पर मरते वक्त बिग बी ने उनके साथ किया था ऐसा सलूक!

जिंदादिल इंसान महमूद किसी की मदद करने के लिए हमेशा आगे रहते थे। क्या आप जानते हैं अमिताभ के कॅरियर को ऊंचाईयों तक पहुंचाने में महमूद का भी बहुत बड़ा हाथ रहा है।

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मुंबई

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Riya Jain

Sep 29, 2018

amitabh bachchan and mehmood controversy

amitabh bachchan and mehmood controversy

सिनेमा जगत के दिग्गज कलाकार महमूद इकलौते ऐसे कलाकार रहे हैं जिन्हें फिल्म के लीड हीरो से भी ज्यादा अहमियत दी जाती थी। उन्होंने इस इंडस्ट्री को न जाने कितनी हिट फिल्में दी हैं। अपने कॅामेडी टाइमिंग के लिए मशहूर महमूद को हीरो से भी ज्यादा फीस दी जाती थी।

बताया जाता है कि फिल्म में अगर महमूद हैं तो उनका फोटो फिल्म के पोस्टर पर जरूर होता था। इससे फिल्म हिट हो जाती थी। जिंदादिल इंसान महमूद किसी के मदद करने के लिए भी हमेशा आगे रहते थे। क्या आप जानते हैं अमिताभ के कॅरियर को ऊंचाईयों तक पहुंचाने में महमूद का भी बहुत बड़ा हाथ रहा है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि महानायक अमिताभ बच्चन महमूद को अपना दूसरा पिता कहते थे। पर इतना सम्मान देने वाले बिग बी भी एक बार महमूद का दिल तोड़ चुके हैं। जी हां, एक इंटरव्यू में महमूद ने बताया था, 'आज मेरे बेटे के पास फिल्मों की लाइन लगी है। जिस आदमी के पास सक्सेस होती है उसके दो पिता होते हैं एक जिसने पैदा किया और दूसरा जिसने सफलता तक पहुंचाया। मैंने उसकी काफी मदद की। कई फिल्मों में काम दिलाया। उसे मैंने अपने घर में रहने के लिए जगह दी।

वैसे तो अमित मेरी बहुत इज्जत करता है लेकिन उसकी एक हरकत से मुझे गहरा धक्का सा लगा। उसके पिता हरिवंशराय बच्चन गिर गए थे तो उन्हें देखने के लिए मैं अमिताभ बच्चन के घर गया लेकिन जब मेरा बाइपास सर्जरी हुआ तो अमिताभ अपने पिता के साथ ब्रीच कैंडी अस्पताल तो आया लेकिन वो मुझे देखने नहीं आया। अमिताभ ने वहां साबित कर दिया कि असली पिता असली होता है जबकि नकली पिता नकली।'

बता दें जुलाई 2004 में महमूद का निधन हुआ था। उस वक्त अपना दुख जाहिर करते हुए अमिताभ ने लिखा था कि 'एक एक्टर के तौर पर स्थापित करने में उन्होंने हमेशा मदद की। महमूद भाई मेरे करियर के शुरुआती ग्राफ में मदद करने वालों में से थे। वो पहले प्रोड्यूसर थे जिन्होंने मुझे लीड रोल दिया था – ‘बॉम्बे टू गोवा’ में। लगातार कई फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद मैंने वापस घर जाने का प्लान बना लिया तब महमूद साहब के भाई अनवर ने मुझे रोका।'