Agastya Nanda wanted to leave Amitabh Bachchan house: बॉलीवुड के 'शहंशाह' अमिताभ बच्चन ने एक बहुत बड़ खुलासा किया है। जब उनके नाती अगस्त्य नंदा ने घर छोड़ने का फैसला किया और दिल्ली वापस जाना चाहते थे।
Amitabh Bachchan: बॉलीवुड के 'शहंशाह' अमिताभ बच्चन ने पुरानी यादें ताजा कीं और एक किस्सा सुनाया, जब उनके नाती अगस्त्य नंदा ने घर छोड़ने का फैसला किया और दिल्ली वापस जाना चाहते थे।
अगस्त्य बिग बी की बेटी श्वेता बच्चन के बेटे हैं। क्विज-बेस्ड रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति 15' के नए एपिसोड में, होस्ट अमिताभ बच्चन ने हाल ही में रिलीज हुए टीन म्यूजिकल ड्रामा 'द आर्चीज' के स्टार कलाकारों का स्वागत किया।
शो में अगस्त्य, सुहाना खान, खुशी कपूर, वेदांग रैना, मिहिर आहूजा, युवराज मेंदा अपनी डायरेक्टर जोया अख्तर के साथ आए थे। सबसे पहले हॉट सीट पर अगस्त्य, मिहिर और युवराज बैठे।
गेम शो के स्पेशल सेगमेंट के दौरान, एक फैन ने अगस्त्य से अपने नाना जी के साथ अपनी पसंदीदा यादों के बारे में बताने के लिए कहा।
उसी का जवाब देते हुए, अगस्त्य ने मुस्कुराते हुए कहा, ''वास्तव में, मैं चाहता हूं कि आप वह घटना बताएं जिसके बारे में आप हमेशा बात करते हैं। मैं एक छोटा लड़का था। मैंने अपना बैग पैक किया और जा रहा था और आपने मुझे रोक लिया। आपको इसे सुनाना चाहिए। आप इसे बेहतर तरीके से कह सकते हैं।''
तब 'शोले' स्टार ने साझा किया: "इनके (अगस्त्य) माता-पिता विदेश चले गए थे और इन्हें मेरी देखरेख में छोड़ दिया गया था। ये दिल्ली से हैं। मैंने सोचा कि यह छोटा है, इसलिए मैं इनका ध्यान भटका दूंगा, ताकि इन्हें यह याद न रहे कि उनके माता-पिता उन्हें छोड़कर विदेश चले गए हैं। एक दिन मैं इन्हें कार में बाहर ले गया। मैंने उन्हें मरीन ड्राइव और समुद्र दिखाया। कार में बैठने के बाद से ही वह यही कहते रहे, 'मुझे दिल्ली जाना है।' मैं पूछता- 'आइसक्रीम के बारे में क्या ख्याल है?', यह कहते- 'मैं दिल्ली जाना चाहता हूं।', फिर में कहता, 'देखो, यहां अमेजिंग कॉर्न मिलता है।' लेकिन वह कहते रहे, 'मुझे दिल्ली जाना है।' मैंने उन्हें मनाने की कोशिश की और घर ले आया।''
''मैंने उन्हें बैठाया। हम सब कमरे में बैठे थे। थोड़ी देर बाद, मैं देखता हूं कि यह लड़का हमारे पास से गुजर रहा है। और उसका सारा सामान उसके कंधे पर है। मैंने उनसे पूछा 'अगस्त्य, आप क्या कर रहे हैं?' उन्होंने जवाब दिया 'मैं दिल्ली जा रहा हूं।''
"मैंने कहा 'आप नहीं जा सकते, इन्होंने कहा, 'नहीं... मैं दिल्ली जा रहा हूं।' यह बहुत मुश्किल था। मुझे उन्हें मनाने में तीन घंटे लग गए। अंत में, मैंने इनके माता-पिता को फोन किया और जल्द घर आने के लिए कहा।''
81 वर्षीय अभिनेता ने आगे कहा, ''लेकिन देवियों और सज्जनों, मैं आपको बता दूं। कुछ लोगों द्वारा इसे एक अच्छी आदत के रूप में देखा जाता है। एक बार जब आप किसी चीज के लिए अपना मन बना लेते हैं, तो आप उसे करके ही रहेंगे।
मेरा मानना है कि अगस्त्य की मानसिकता भी ऐसी ही है। एक बार जब वह किसी चीज के लिए अपना मन बना लेता है, तो वह यह सुनिश्चित करता है कि वह उसे करे। मुझे उनकी ये आदत पसंद है।''
खबर आईएएनएस एजेंसी से