केबीसी ( kbc ) के हाल में आए एक एपिसोड में पर रुचि नाम की एक कंटेस्टेंट संग खेलते हुए काफी दिलचस्प बातों का जिक्र हुआ। साथ ही अमिताभ ( amitabh bachchan ) ने बताया कि कैसे उनके सरनेम 'बच्चन' का निर्माण हुआ।
बॅालीवुड की शहंशाह अमिताभ बच्चन (amitabh bachchan ) आज इस उम्र के पढ़ाव पर भी काम से दूर नहीं हैं। इन दिनों वह टीवी के मशहूर शो 'कौन बनेगा करोड़पति' ( kaun banega crorepati ) होस्ट कर रहे हैं। इसी के साथ बिग बी जल्द ही राजश्री प्रोडक्शन्स की फिल्म 'ऊंचाई' ( Uuinchai ) में नजर आएंगे। केबीसी ( kbc ) के हाल में आए एक एपिसोड में पर रुचि नाम की एक कंटेस्टेंट संग खेलते हुए काफी दिलचस्प बातों का जिक्र हुआ। साथ ही अमिताभ ने बताया कि कैसे उनके सरनेम 'बच्चन' का निर्माण हुआ।
धर्म- जाति के बंधन में नहीं थे अमिताभ के पिता
बिग बी ने अपनी जिंदगी का यह मजेदार किस्सा बताया कि बच्चन सरनेम उनके पिता हरिवंश राय बच्चन की देन है। यह उनकी सोच की उपज है। बिग बी ने आगे बताया कि उनके पिता जाति के बंधन से खुद को आजाद रखना चाहते थे। उन्हें कवि होने की वजह से 'बच्चन' उपनाम मिला था। एक्टर कहते हैं, 'जब मैं स्कूल में दाखिले ले लिए गया तो टीचर ने मेरे माता-पिता से पूछा कि मेरा सरनेम क्या होना चाहिए। यह वह क्षण था जब मेरे पिता ने निर्णय लिया कि मेरा सरनेम बच्चन होगा और मैं बच्चन होने का पहला उदाहरण बन गया।'
कंटेस्टेंट ने सुनाई सरनेम न लगाने का किस्सा
दरअसल रुचि संग बातचीत के दौरान अमिताभ ने रुचि से पूछा कि वह अपने नाम के सरनेम क्यों नहीं लगातीं। इस पर कंटेस्टेंट ने बताया,'मुझे लगता है कि सरनेम आपको जाति के बंधन में डाल देता है। मैं मानती हूं कि आपका पहला नाम ही आपकी पहचान के लिए काफी है। मेरी तरह मेरे हसबैंड भी सरनेम नहीं लगाते। बचपन से ही मैं सिर्फ रुचि के नाम से जानी जाती हूं और कौन बनेगा करोड़पति के मंच पर भी मैं सिर्फ रुचि हूं।'