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कभी LIC एजेंट थे अमरीश पुरी , 39 की उम्र में किया बॉलीवुड डेब्यू और बन गए खूंखार विलेन

'मोगैंबो' का मशहूर किरदार निभाने वाले अमरीश पुरी बॉलीवुड में हीरो बनने का ख्वाब लेकर मुंबई आए थे लेकिन किस्मत ने उन्हें विलेन बना दिया।

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Amit Kumar Singh

Jun 20, 2018

amrish puri

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'मोगैंबो' का मशहूर किरदार निभाने वाले अमरीश पुरी बॉलीवुड में हीरो बनने का ख्वाब लेकर मुंबई आए थे लेकिन किस्मत ने उन्हें विलेन बना दिया। अमरीश पुरी को आज भी बॉलीवुड का बेस्ट विलेन माना जाता है। बॉलीवुड का यह महान खलनायक आज दुनिया में नहीं है, अमरीश पुरी आज यदि हमारे बीच होते तो 85 साल के हो गए होते।

कॅरियर
अमरीश मुंबई हीरो बनने का सपना लेकर आए थे लेकिन वह पहले ही स्क्रीन टेस्ट में फेल हो गए थे।जिसके बाद उन्होंने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में नौकरी कर ली। बीमा कंपनी की नौकरी के साथ ही वह पृथ्वी थिएटर में काम करने लगे। सत्यदेव दुबे के नाटकों ने उन्हें खूब प्रसिद्धि दिलाई और 1979 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बस इसके बाद विज्ञापनों और फिल्मों ने उनके लिए अपने दरवाजे खोल दिए। अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में उन्होंने गांधी फिल्म में खान की भूमिका निभाई थी। वर्ष 1987 में आई शेखर कपूर की फिल्‍म 'मिस्‍टर इंडिया' में उनके 'मोंगैंबो' की खलनायकी भूमिका ने दर्शकों को उनका दीवाना बना दिया।

डायलॉग ने दिलाई पहचान
'मोंगैंबो खुश हुआ' के डायलॉग के साथ अभिनेता अमरीश पुरी ने अपनी कड़क और रौबदार आवाज से बॉलीवुड में खलनायकी को एक नई पहचान दी। रंगमंच से बडे़ पर्दे पर जलवा बिखेरने वाले अमरीश पुरी ने लगभग 250 फिल्‍मों में काम किया। अमरीश पुरी ने अपने फिल्‍मी करियर की शुरूआत वर्ष 1971 की फिल्‍म 'प्रेम पुजारी' से की थी। इस फिल्‍म में उनका रोल बहुत छोटा था। इसके बाद उन्‍होंने फिल्‍म 'रेशमा और शेरा' में अमिताभ बच्‍चन के साथ काम किया था।

फिल्में
पुरी का सफर वर्ष 1980 के दशक में यादगार साबित हुआ। इसके बाद वर्ष 1990 में आई फिल्‍म 'दिलवाले दुल्‍हानियां ले जायेंगे' में दर्शकों ने उनके सकारात्‍मक भूमिका के जरिये सबका दिल जीत लिया। अमरीश पुरी के अभिनय से सजी कुछ मशहूर फिल्मों में 'निशांत', 'गांधी', 'कुली', 'नगीना', 'राम लखन', 'त्रिदेव', 'फूल और कांटे', 'विश्वात्मा', 'दामिनी', 'करण अर्जुन', 'कोयला' आदि शामिल हैं। दर्शक उनकी खलनायकी वाली भूमिकाओं को देखने के लिए बेहद खुश होते थे।

मौत
उनके जीवन की अंतिम फिल्‍म 'किस्ना' थी जो उनके निधन के बाद वर्ष 2005 में रिलीज हुई। उन्‍होंने कई विदेशी फिल्‍मों में भी काम किया। अमरीश पुरी का 12 जनवरी 2005 को 72 वर्ष के उम्र में ब्रेन ट्यूमर की वजह से उनका निधन हो गया। उनके अचानक हुये इस निधन से बॉलवुड जगत के साथ-साथ पूरा देश शोक में डूब गया था।