
असली एक्शन दिखाने के लिए अनुराग कश्यप ने चोरी-छिपे शूट किए अनिल कपूर के ये शॉटस
-दिनेश ठाकुर
फिल्म बनाने वालों पर कई फिल्में बन चुकी हैं। गुरुदत्त की 'कागज के फूल' (1959) में एक संवेदनशील फिल्म निर्देशक की त्रासदी पेश की गई थी। खुद्दारी उसे कारोबारी तकाजों के आगे घुटने नहीं टेकने देती। वक्त के सितम का शिकार होकर वह गुमनामी में दम तोड़ देता है। अपने वक्त से काफी आगे की यह फिल्म उस जमाने के दर्शकों ने खारिज कर दी थी। बाद में इसे कल्ट क्लासिक माना गया। गीतादत्त का रूहानी गाना 'वक्त ने किया क्या हसीं सितम, तुम रहे न तुम, हम रहे न हम' इसी फिल्म का है। 'कागज के फूल' का फिल्मकार अगर सिद्धांतवादी है तो हॉलीवुड की 'बॉफिंगर' (1999) का नायक बॉबी (स्टीव मार्टिन) महा तिकड़मी फिल्मकार है। फिल्म बनाने के लिए उसे किसी भी तरह के हथकंडे अपनाने से गुरेज नहीं है। वह बड़े स्टार किट रामसे (एडी मर्फी) को लेकर फिल्म बनाना चाहता है, लेकिन तगड़ा मेहनताना चुकाना उसके बूते के बाहर है। इसलिए वह ऐसे हालात पैदा करता है कि किट कुछ खास जगह आकर एक्शन करे, ताकि छिपे हुए कैमरों से उसे शूट कर अपनी फिल्म का हिस्सा बनाया जा सके।
हल्की-फुल्की कॉमेडी 'बॉफिंगर' का किस्सा अब बॉलीवुड की 'एके वर्सेज एके' ( AK Vs AK ) में दोहराया जा रहा है। यहां अनिल कपूर ( Anil Kapoor ) और अनुराग कश्यप ( Anurag Kashyap ) अपने-अपने मूल स्टार और फिल्मकार के किरदार में हैं। अनुराग कश्यप फिल्म में अनिल कपूर की बेटी का अपहरण कर लेते हैं। इसके बाद अनिल कपूर जो दौड़भाग करते हैं, उसे अनुराग छिपे हुए कैमरों से शूट करते रहते हैं, ताकि वे दुनिया को एक बड़े स्टार के असली एक्शन वाली फिल्म दिखा सकें। विक्रमादित्य मोटवानी ( Vikramaditya Motwane ) के निर्देशन में बन रही इस फिल्म की शूटिंग जनवरी में शुरू हो गई थी। आजकल इसके पोस्ट प्रोडक्शन का काम चल रहा है। 'उड़ान', 'लुटेरा' और 'ट्रेप्ड' जैसी फिल्मों के निर्देशक विक्रमादित्य मोटवानी इससे पहले नेटफ्लिक्स के लिए वेब सीरीज 'सेक्रेड गेम्स' बना चुके हैं।
'एके वर्सेज एके' भी नेटफ्लिक्स के लिए बनाई जा रही है। यानी इसके जरिए 63 साल के अनिल कपूर डिजिटल डेब्यू करेंगे। अपने समकालीन अभिनेताओं के मुकाबले वे आज भी चुस्त-दुरुस्त नजर आते हैं। 'एके वर्सेज एके' में उनकी फिटनेस का फायदा उठाते हुए उन्हें मुम्बई के धारावी इलाके में खूब दौड़ाया गया है। पहले शायद इसी दौड़भाग को ध्यान में रखते हुए शाहिद कपूर के नाम पर विचार किया गया था। बाद में अनिल कपूर के नाम पर सहमति बनी। अगर शाहिद कपूर को लिया जाता तो फिल्म का नाम 'एसके वर्सेज एके' होता।
Published on:
07 Jul 2020 03:39 pm
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