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जब बरसात में अभिनेत्रियों ने दिखाई रोमांस की खूबसूरती

कई बार फिल्मों में निर्देशक ने बरसात के बहाने न केवल प्यार का सजीव चित्रण किया वरन अभिनेत्रियों के मादक अभिनय को भी फिल्माया

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Sunil Sharma

Jul 05, 2015

Rain dance in bollywood songs

Rain dance in bollywood songs

फिल्मों में बरसात में फिल्माए गाने फिल्म का अहम हिस्सा रहे है और उनके बिना फिल्म की कल्पना ही नही की जा सकती है। कई बार फिल्मों में निर्देशक ने बरसात के बहाने न केवल प्यार का सजीव चित्रण किया वरन अभिनेत्रियों के मादक अभिनय को भी फिल्माया जैसे मि. इंडिया का गाना "काटे नहीं कटते, ये दिन ये रात..."



फिल्म इंडस्ट्री का इतिहास देखा जाये तो सबसे पहले संभवत: वर्ष 1941 में प्रदर्शित फिल्म "खजांची" में बरसात पर आधारित "सावन के नजारे है अहा अहा" गीत फिल्माया गया था। हालांकि इसके बाद भी बरसात पर आधारित कुछ गीत बने लेकिन वर्ष 1949 में प्रदर्शित फिल्म "बरसात" में फिल्म अभिनेत्री निम्मी पर "बरसात में हमसे मिले तुम सजन" गाना बारिश में फिल्माया गया जो बरसात पर आधारित पहला सुपरहिट गीत बना। वर्ष 1955 में प्रदर्शित फिल्म "श्री 420" वैसे तो कई कारणों से याद की जाती है लेकिन फिल्म में राजकपूर और नरगिस पर बारिश में फिल्माया गाना "प्यार हुआ इकरार हुआ " का फिल्मांकन इतने सजीव तरीके से किया गया कि इसकी याद दर्शकों के दिल में आज भी ताजातरीन है।



बरसात पर आधारित गीतो में वर्ष 1958 में प्रदर्शित फिल्म "चलती का नाम गाड़ी" का नाम भी उल्लेखनीय है । तीन भाइयों की कहानी पर आधारित फिल्म की कहानी में बारिश से कोई मेल नहीं था लेकिन एक द्यश्य में जब अभिनेत्री मधुबाला बारिश से बचने के लिये अभिनेता किशोर कुमार के गैराज में शरण लेती है तो उसे देख किशोर कुमार प्यार करने लगते है और उसे खुश करने के लिये "एक लड़की भीगी भागी सी" गीत गाते है तो यह फिल्म की जान बन जाती है और यह गीत आज भी सिने प्रेमी नही भूल पाये है।



नृत्य और संगीत की बात हो और अभिनेता शम्मी कपूर का जिक्र ना आये ऎसा संभव नही है। इसी क्रम में वर्ष 1962 में प्रदर्शित फिल्म "दिल तेरा दीवाना" में शंकर जयकिशन के संगीतबद्ध गीत "दिल तेरा दीवाना है सनम" का जिक्र करना लाजिमी है जो बरसात में ही फिल्माए गए थे। संभवत "दिल तेरा दीवाना है सनम" बरसात में फिल्माये गीत में पहले गानों में एक है जिसका फिल्मांकन स्टूडियो के सेट में न होकर आउट डोर लोकेशन में किया गया। इस गीत में शम्मी कपूर अपनी विशेष नृत्यशैली से अभिनेत्री माला सिन्हा को रिझाने का प्रयास करते है । वर्ष 1980 में एक फिल्म प्रदर्शित हुई थी "नमक हलाल" यूं तो इस फिल्म के सारे गीत हिट हुए थे लेकिन फिल्म में एक गाना ऎसा भी था जो बारिश में फिल्माया गया था जिसे दर्शक आज भी नही भूल पाए हैं। अभिनेता अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गाना "आज रपट जाये तो हमे ना उठइयो" गाने के माध्यम से अमिताभ बच्चन बारिश की फुहारों के बीच स्मिता पाटिल से अपने प्यार का इजहार अनोखे तरीके से करते हैं।



किंग ऑफ रोमांस दिवंगत यश चोपड़ा अक्सर अपनी फिल्मों में बारिश के गीत का फिल्मांकन करते आये है। इनमें फिल्म "चांदनी" का गीत "लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है" और "दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे" का गीत "मेरे ख्वाबों में जो आये" सिने दर्शकों के बीच आज भी लोकप्रिय है। इसके अलावे "ये दिल्लगी" में "देखो जरा देखा बरखा की झड़ी" और "दिल तो पागल है" में उन्होंने "कोई लड़की है जब वो गाती है" गीत भी बारिश में ही फिल्माये है । देखा जाये तो फिल्मों में बारिश का इस्तेमाल फिल्मकार नायक और नायिका के प्रेम के इजहार के रूप में करते हैं लेकिन कुछ और मौकों पर भी बारिश के गाने फिल्माये जाते हैं। ऎसे ही गानों में फिल्म "गाईड" का गाना "अल्लाह मेघ दे" और "लगान" का गाना "काले मेघा काले मेघा" खास तौर पर उल्लेखनीय है।



इन सबके साथ ही बरसात के गाने के माध्यम से विरह की आग प्रेमियों को किस प्रकार जलाती है उसे पेश किया जाता रहा है। ऎसे गानों में फिल्म "जख्मी" का गीत "जलता है जिया मेरा भीगी भीगी रातों में" और "दो बदन" का गीत "जब चले ठंडी हवा जब उठे काली घटा मुझको ऎ जाने वफा तुम याद आए" इसका अलावा बरसात के गीत के माध्यम से मस्ती को भी दिखाया गया है। फिल्म छलिया का गीत "डम डम डिगा डिगा मौसम भीगा भीगा या गोपी किशन का गीत छतरी ना खोल बरसात में प्रमुख है। इन सबके साथ ही फिल्मकारो ने बरसात को ध्यान में रखते हुए कई फिल्मों का निर्माण किया इन फिल्मों में बरसात "बरसात की रात" बरसात की रात, आया सावन झूम के, सावन को आने दो, सावन भादो, मानसून वेडिंग, सोलहवां सावन, बिन बादल बरसात, बादल जैसी कई फिल्में शामिल है। ऐसा ही एक गीत फिल्म ताल का है, ताल से ताल मिला...।



इसी तरह कई फिल्मकार ने अपनी फिल्मों में बारिश के गाने फिल्माए हैं जो आज भी श्रोताओं की जुबान पर चढ़े हुए है। ऎसे ही गानों में शामिल लंबी फेहरिस्त में कुछ हैं, बरसात में हमसे मिले तुम सजन, ये रात भीगी- भीगी, बरखा रानी जरा जम के बरसो, जिंदगी भर नही भूलेगी वो बरसात की रात, काली घटा छाई मोरा, हरियाला सावन ढोल बजाता आया, रिमझिम के तराने लेके आई बरसात, ओ सजना बरखा बहार आयी, सावन का महीना पवन करे शोर, मेघा छाई आधी रात, रिमझिम के गीत सावन गाये, भीगी भीगी रातो में, रिमझिम गिरे सावन, काटे नही कटते दिन ये रात, टिप टिप टिपटिप बारिश शुरू हो गयी, रिमझिम रिमझिम, मेरे ख्वाबों में जो आये, टिप टिप बरसा पानी, दिल ये बेचैन रे, जो हाल दिल का, सांसो को सांसो से, बरसो रे मेघा आदि शामिल है।

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