निहलानी ने कहा, मैंने अभी केवल फिल्म के टाइटल का रजिस्ट्रेशन करवाया है। फिल्म के निर्देशन और रिलीज के बारे में अभी कुछ नहीं सोचा है। जब निहलानी से पूछा गया कि वह संस्कारी टाइटल वाली फिल्म को क्यों बनाना चाहते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह समय की डिमांड है कि संस्कारी जैसी फिल्में बनें। सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि मैंने फिल्म का यह नाम इसलिए चुना, क्योंकि संस्कार हमारी परम्परा में हैं। जन्म से लेकर मृत्यु तक हमारा पूरा जीवन संस्कार के इर्द-गिर्द घूमता है। हमारी फिल्म के कैरेक्टर भी संस्कारी होंगे। कुछ लोग अपने संस्कारों और मूल्यों को भुला चुके हैं और इनका मजाक भी उड़ाते हैं, यह दुखद है। गौरतलब है कि निहलानी अपने बैनर चिराग दीप इंटरनेशनल के तले दो और फिल्में बनाएंगे। इनमें से एक बोल इंडिया बोल और एक अन्य है।