किसान आंदोलन को लेकर Diljit Dosanjh बोले- कुछ लोग इसे हिंदू-सिख की लड़ाई बनाने में लगे हुए हैं

By: Sunita Adhikari
| Published: 06 Dec 2020, 01:51 PM IST
किसान आंदोलन को लेकर Diljit Dosanjh बोले- कुछ लोग इसे हिंदू-सिख की लड़ाई बनाने में लगे हुए हैं
Diljit Dosanjh Tweet

  • एक बार फिर दिलजीत दोसांझ ने एक ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस आंदोलन को हिंदू-सिख की लड़ाई बनाने में लगे हुए हैं।

नई दिल्ली: देश में चल रहे किसान आंदोलन का आज 11वां दिन है। इस आंदोलन को देशभर से सेलेब्स का सपोर्ट मिल रहा है। पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ भी किसानों के समर्थन में बढ़-चढ़कर आगे आ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने किसानों के लिए 1 करोड़ रुपए का डोनेशन दिया है। इसके अलावा एक्ट्रेस कंगना रनौत के साथ हुई उनकी बहस के बारे में तो सभी जानते हैं। दिलजीत का ऐसा रूप शायद ही पहले किसी ने देखा हो। अब एक बार फिर उन्होंने एक ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस आंदोलन को हिंदू-सिख की लड़ाई बनाने में लगे हुए हैं।

दिलजीत ने ट्वीट कर लिखा, 'नानक नाम चढ़दी कला, तेरे भाणे सरबत दा भला... कुछ लोग प्रोटेस्ट को हिंदू-सिख की लड़ाई बनाने में लगे हुए हैं। जबकि बात सिर्फ किसान की हो रही है। धर्म की बात तो है ही नहीं। कोई भी धर्म लड़ाई की बात नहीं करता। रब दा वास्ता।'

दिलजीत ने एक और ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने एक तस्वीर शेयर की। तस्वीर में एक तरफ आंदोलन वाले लोग पुलिस को खाने खिलाते दिख रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस आंदोलन कर रहे किसानों को खाना खिला रही है। इसके साथ दिलजीत ने लिखा, 'बात प्यार की करिए। धर्म कोई भी लड़ाई नहीं सिखाता। हिंदू, सिख, मुस्लिम, ईसाई, जैनी, बोद्धि। भारत इसीलिए सबसे अलग है क्योंकि यहां सब प्यार से रहते हैं। हर धर्म की इज्जत की जाती है।' उनके इस ट्वीट पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

बता दें कि दिलजीत दोसांझ शनिवार को सिंघु बॉर्डर पहुंचे। यहां उन्होंने किसान आंदोलन में हिस्सा लिया। यहां किसानों को संबोधित करते हुए दिलजीत ने कहा, 'हमारी सिर्फ एक ही विनती है कि प्लीज हमारे किसानों की डिमांड पूरी कर ली जाए। सब यहां शांति से बैठे हैं और पूरा देश किसानों के साथ है।' इसके बाद दिलजीत ने किसानों के लिए कहा, 'आप सभी को सलाम, किसानों ने नया इतिहास रचा है। यह इतिहास आने वाली जनरेशन को बताया जाएगा। किसानों के मुद्दों को कोई भी नहीं मोड़ सकता।'