बॉलीवुड

Akshay Kumar नहीं Sunny Deol के लिए लिखी थी ‘सम्राट पृथ्‍वीराज’? डायरेक्‍टर ने बताया इसलिए फ्लॉप हुई फिल्म

अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म 'सम्राट पृथ्‍वीराज' बॉक्‍स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हुई है. ऐसे में एक लंबे समय बाद फिल्म के डायरेक्टर ने इसको लेकर एक बड़ी वजह बताई है, जो बेहद हैरान करने वाली है. इस फिल्म की कहानी अक्षय के लिए नहीं बल्कि सनी देओल के लिए लिखी गी थी.

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Jun 16, 2022
Director Chandraprakash Dwivedi On Samrat Prithviraj's Flop

अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म 'सम्राट पृथ्‍वीराज' (Samrat Prithviraj) 3 जून को रिलीज हुई थी, जिसके बाद ये बॉक्‍स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही. इस फिल्म का कुल बजट 200 करोड़ बताया जाता है, लेकिन फिल्म ने 12 दिनों में केवल 63.50 करोड़ रुपये ही कमाए. वहीं फिल्म के प्रमोशन और बाकी चीजों को देखने के बाद इस बात का अंदाजा लगाना आसान नहीं था कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इतनी बुरी तरह से मात खाएगी. अंदाजे के मुताबिक फिल्म ने 75 करोड़ रुपये तक के आंकड़े को भी छूया. इस फिल्म की कहानी इतिहास पर आधारित है.

फिल्म में अक्षय कुमार के साथ-साथ मानुषी छिल्लर (Manushi Chhillar) ने बॉलिवुड में डेब्यू किया. वहीं फिल्म में कई बड़े दिग्गज कलाकार सोनू सूद, संजय दत्त, मानव विज और आशुतोष राणा जैसे सितारे नजर आ रहे हैं. बड़ी बात ये है कि इस साल की अक्षय की ये तीसरी फिल्म है जो फ्लॉप साबित हुई. इस फिल्म की कहानी भारत के आख‍िरी हिंदू राजा सम्राट पृथ्‍वीराज चौहान की जिंदगी पर आधारित है, जिसको फिल्म डायरेक्‍टर डॉ. चंद्रप्रकाश द्व‍िवेदी द्वारा निर्देशित किया गया था. वहीं इस फिल्म के फ्लॉप होने पर डायरेक्टर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और एक लंबे समय बाद इस पर बात की.


चंद्रप्रकाश द्व‍िवेदी ने बताया कि 'इस फिल्म की कहानी को 18 साल पहले लिखा गया था'. साथ ही उन्होंने एक बड़ा राज खोलते हुए बताया कि 'इस फिल्म की कहानी सनी देओल (Sunny Deol) के लिए लिखी गई थी और वो इस फिल्म को प्रड्यूस भी करने वाले थे, लेकिन तब मार्केट ने उन्हें कोई खास स्पोर्ट नहीं दिया'. चंद्रप्रकाश द्व‍िवेदी बताते है कि 'मुझे बहुत अच्‍छा लगता अगर इतिहासकार इस फिल्‍म पर सवाल उठाते या अपनी कहानी कहते. अब क्‍योंकि आप मेरे हिसाब से कहानी नहीं सुनना चाहते और इसलिए इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं, ये सरासर गलत है'.


चंद्रप्रकाश द्व‍िवेदी आगे कहते हैं कि 'इत‍िहास इस तरह से काम नहीं करता. इतिहासकारों को अपनी बहस सिनेमाघर के बाहर करनी चाहिए। उनहें पहले फिल्‍म देखनी चाहिए। इसे धर्म और राजनीति से परे रखना चाहिए। यह फिल्‍म सिर्फ पृथ्‍वीराज के पराक्रम के बारे में नहीं है'. साथ ही इस फिल्‍म के रिव्‍यूज और रिएक्‍शन के बारे में बात करते हुए चंद्रप्रकाश द्व‍िवेदी ने कहा कि 'दर्शकों के मूड और उनकी परेशानी को समझने में वे नाकाम रहे हैं, जो अच्छी बात नहीं है, हमने इतिहास के तथ्‍यों से कोई छेड़छाड़ नहीं की. हम अपनी इस जिम्‍मेदारी को बखूबी समझते हैं'.

Published on:
16 Jun 2022 10:07 am
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