
Ayushman Khurana
अभिनेता आयुष्मान खुराना बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर हैं लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उनको काफी मेहनत करनी पड़ी। यहां तक का सफर उनके लिए इतना आसान नहीं रहा। उन्होंने अपना कॅरियर कभी रेडियो जॉकी और वीजे के तौर पर शुरू किया था। एक इंटरव्यू में आयुष्मान ने खुलासा किया कि जब उन्होंने घर पर बताया था कि वे एक्टर बनना चाहते हैं तो उनको मार पड़ी थी।
दादी ने मारा था थप्पड़:
एक साक्षात्कार में आयुष्मान ने बताया कि जब उन्होंने दादी से कहा था कि वह एक्टर बनना चाहते हैं तो दादी ने थप्पड मार दिया था। दरअसल उस वक्त एक्टिंग को अच्छा प्रोफेशन नहीं माना जाता था। आयुष्मान का कहना है कि वह पढ़ाई में बहुत अच्छे थे। वे मेडिकल के क्षेत्र में जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कर्नाटक के डेंटल कॉलेज में एडमिशन ले लिया था लेकिन उनके मन में कहीं ना कहीं एक्टर बनने का सपना भी था। यह बात उन्होंने अपने पिता को भी बताई। इस पर उनके पिता ने कहा कि हाईस्कूल से सीधे वहां नहीं जा सकते। लेकिन अगर वह अच्छी पढ़ाई करते रहे तो उन्हें एक्टिंग फील्ड में जाने देंगे।
मिला आॅलराउंडर स्टूडेंट का खिताब:
आयुष्मान ने बताया कि उन्हें कॉलेज में आॅलराउंडर स्टूडेंट का खिताब मिला। साथ ही प्रिंसिपल ने खुश होकर उन्हें दो हजार रुपए भी दिए। इसके बाद आयुष्मान ने पंजाब यूनिवर्सिटी में ही मास कम्युनिकेशन और प्रिंट जर्नलिजम के कोर्स में एडमिशन ले लिया।
कॉलेज से शुरू किया थिएटर:
आयुष्मान ने अपने एक्टर बनने के सपने की ओर पहला कदम कॉलेज में बढ़ाया। उन्होंने कॉलेज में थिएटर करना शुरू किया। हालांकि उन्हें इस बात की इजाजत इस शर्त पर मिली कि कॉलेज में उनकी अटेंडेंस पूरी 100 फीसदी होनी चाहिए। आयुष्मान ने इस शर्त को भी पूरा किया और कॉलेज के टॉपर्स में रहे। साथ ही उन्होंने थिएटर के जरिए अपने सपने को भी पूरा करने की कोशिश की। उन्होंने लोकल थिएटर फेस्टिवल में जाना शुरू कर दिया और अपना ग्रुप भी बना लिया। उन्होंने इस ग्रुप का नाम रखा 'मंचतंत्र'।
Updated on:
23 Sept 2018 03:03 pm
Published on:
23 Sept 2018 03:03 pm
