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अंग्रेजी में तंग है मेरा हाथः नाना 

नाना पाटेकर एक्टिंग के अलावा जल्द ही एक बायोपिक डायरेक्ट करेंगे जिसमें मुख्य किरदार एक लड़की का होगा

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Abhishek Srivastav

Aug 24, 2015

nana patekar

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इस साल आई फिल्म "अब तक छप्पन-2" के बाद नाना पाटेकर एक और सीक्वल "वैलकम बैक" में नजर आएंगे। अनीस बज्मी निर्देशित इस कॉमेडी फिल्म में नाना के अलावा अनिल कपूर, जॉन अब्राहम, श्रुति हासन, नसीरूद्दीन शाह और परेश रावल भी अहम किरदारों में हैं। नाना ने हालिया बातचीत में "वैलकम बैक" के सलेक्शन और डायरेक्शन-प्रोडक्शन की अपनी योजना के बारे में बताया...

"वैलकम" का किरदार उदय शेट्टी आठ साल पहले बहुत लोकप्रिय था। क्या फिर से वही बनना आसान साबित हुआ?
इस तरह के किरदारों को लम्बे समय तक बनाए रखना बहुत आसान होता है। जब कोई फिल्म चल निकलती है, तो लोग उन्हीं किरदारों को फिर से देखना चाहते हैं और इसीलिए सीक्वल बनाए जाते हैं। ये दोनों किरदार मजनूं भाई (अनिल कपूर) और उदय शेट्टी बहुत ही मजेदार हैं और ये ही फिल्म की खासियत बन जाते हैं।


जॉन अब्राहम ने कहा है अनिल कपूर और आपके साथ काम करते हुए वे बहुत इन्सिक्योरिटी फील कर रहे थे।
वे झूठ बोलते हैं...(हंसते हैं)। वे पूरी तरह सहज थे और उन्होंने इस फिल्म में अद्भुत काम किया है।

आपने जॉन में किस तरह की ग्रोथ देखी है?
वे एक्टर तो थे ही नहीं, "टैक्सी नं. 9211" (2006) के दौरान वे बहुत डरे हुए रहते थे और अपनी दो लाइनें भी ठीक से नहीं बोल पाते थे। लेकिन जब कामयाब हो जाते हैं, तो धीरे-धीरे आत्मविश्वास भी आने लगता है। अब वे बहुत ही कॉन्फिडेंट हो गए हैं।

क्या आप "अब तक छप्पन 3" भी कर रहे हैं?
यदि मुझे डायरेक्ट करने का मौका मिले, तो यह मेरी स्टोरी होगी, वर्ना इसमें काफी हस्तक्षेप होता है। मैं इसे अपनी तरह से करना चाहता हूं।

किसी और मूवी का निर्देशन करने की भी योजना बना रहे हैं?
मैं एक बायोपिक डायरेक्ट कर रहा हूं, जिसका मुख्य किरदार एक लड़की होगी। मैं जल्द ही लोकेशंस की तलाश में निकलूंगा।
और प्रोडक्शन?

मैं जल्द ही अपना प्रोडक्शन हाउस लेकर आ रहा हूं। मेरा बेटा फिल्में प्रोड्यूस करेगा और वो सीरियस फिल्में बनाएगा।
चर्चा है कि आप किसी हॉलीवुड फिल्म में काम करने वाले हैं।

यह पॉलिटिकल फिल्म है और आजादी से पहले के दिनों पर आधारित है। लेकिन दिक्कत यह है कि मेरी अंग्रेजी बहुत अच्छी नहीं है। मैंने जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स से पढ़ाई की है, जहां हमें पेंटिंग सिखाई जाती थी, इसलिए मैं धाराप्रवाह अंग्रेजी नहीं बोल पाता। लेकिन हाल ही मैंने एक कन्नड़ मूवी की थी, जिसके लिए मैंने ही डबिंग भी की, तो मैंने सोचा कि अगर मैं कन्नड़ बोल सकता हूं, तो फिर मैं अंग्रेजी में भी शॉट दे ही सकता हूं।

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