
kavita krishnamurthy
आज फेमस सिंगर और कंपोजर कविता कृष्णामूर्ति का जन्मदिन है। आज की इस स्टोरी में हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़ी उन बातों के बारे में बताएंगे जो ज्यादातर लोगों को नहीं पता है। इंडस्ट्री में न्यू कमर के तौर पर शुरुआत करने से लेकर आज बड़े-बड़े अवार्ड से सम्मानित होने वाली कविता कृष्णामूर्ति के लिए सब कुछ इतना आसान नहीं था जितना कि दिखाई देता है।
कविता का जन्म 25 जनवरी 1958 को एक तमिल परिवार में हुआ था। महज 8 साल की उम्र में ही उन्होंने सिंगिंग के जरिए अपना पहला प्राइज जीत लिया था। फिर क्या था उसी दौरान कविता ने संगीत को ही अपना करियर बनाने के बारे में सोच लिया था। कविता ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के क्लासिकल सिंगर बलराम पुरी से संगीत सीखा है। यही नहीं उन्होंने मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी पूरी की है।
कविता का शुरू से ही सपना था कि वे फिल्म इंडस्ट्री के लिए गाने गाए, लेकिन यहां तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था। हालांकि एक कार्यक्रम में कविता को गाते देख फेमस मन्ना डे ने उन्हें एक ऐड के लिए गाने का मौका दिया था, लेकिन उन्हें असली मौका इंडस्ट्री में ड्रीम गर्ल के नाम से मशहूर हेमा मालिनी की मां की वजह से मिला था।
हेमा मालिनी की मां जया चक्रवर्ती और कविता का परिवार एक- दूसरे को पहले से जानता था। हेमा मालिनी ही वो शख्स थी जिन्होंने कविता को लक्ष्मीकांत प्यारेलाल से मिलवाया था और अपने प्रोडक्शन हाउस में बनी फिल्म ‘शरारा’ में कविता से डुप्लीकेट सिंगर के तौर पर गवाया था।
उसके बाद कविता को संघर्ष के दिनों में लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का सपोर्ट मिला और उनके साथ काम करने वाली गायिका के रूप में लेबल किया जाने लगा था जिसकी वजह से कई संगीत निर्देशक उनके साथ काम करने से बचते थे।
आज कविता कृष्णमूर्ति 18 हजार से ज्यादा गानों को गा चुकी हैं और वो भी 16 अलग-अलग भाषाओं में, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड हैं। कविता ने ‘आंख मारे’, ‘डोला रे डोला रे’, ‘ए वतन तेरे लिए’, ‘तू चीज बड़ी है मस्त मस्त’ समेत कई सुपरहिट गाने गाए हैं। इतना ही नहीं म्यूजिक सिंगर होने के साथ-साथ वे एक सफल कंपोजर भी हैं। उन्हें 2005 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
Published on:
25 Jan 2022 01:43 pm
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