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जगजीत सिंह की वजह से आधे घंटे तक हवा में ही घूमता रहा प्लेन जानिए क्यों

जगजीत सिंह 'होंठो से छू लो तुम' से लेकर 'वो कागज की कश्ती' तक के गाने मखमली आवाज के जादूगर जगजीत सिंह के बारे में जगजीत सिंह ने 10 अक्तूबर 2011 को दुनिया से विदा ले ली

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नई दिल्ली। भारत में जब भी गजल गायिकी का जिक्र होगा तो उसमें जगजीत सिंह का नाम सबसे पहले लिया जायेगा। 'गजल किंग' कहे जाने वाले गायक जगजीत सिंह भले ही इस दुनियां से चले गए है लेकिन उनकी अवाज का जादू आज भी कोई हासिल नही कर पाया है। उन्होंने संगीत में ही अपनी एक अलग दुनिया ढूंढकर निकाली थी। हालांकि उनकी लाइफ में काफी उतार चढ़ाव आये। जिसका दर्द उनकी कुछ गजलों में भी देखने को मिला। जगजीत सिंह ने 10 अक्तूबर 2011 को दुनिया से विदा ले ली थी ,इस अवसर पर जानते हैं उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी कुछ अहम बातें।
जगजीत सिंह को शास्त्रीय शैली में बी ग्रेड के गायक का दर्जा दिया गया। यह बात बहुत कम लोग जानते है कि जगजीत सिंह हर दो साल पर एक एलबम रिलीज करना पसंद करते थे, क्योंकि उनका सोचना था कि सुनने वालों को भी थोड़ा इंतजार कराना जरूरी है। लेकिन उनका यह इंतजार इतना मंहगा पडेगा यह कोई नही जानता था।

जगजीत सिंह की मखवली सी अवाज का हर कोई दिवाना था इसलिये जब भी वो किसी के सामने आते वह उन्हें बिना गवाए छोड़ने का नाम ही नही लेता था। इसी कारण एक बार उन्हें भारी मुसीबत का सामना भी करना पड़ा था। जब मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह पाकिस्तान इंटरनेशनल (पीआईए) के विमान से करांची से दिल्ली की ओर लौट रहे थे। तब विमान कर्मियों को जगजीत सिंह के बारे में पता चला तो उन्होंने उनसे अनुरोध किया कि वे उन्हें कुछ गजलें सुनाएं। जगजीत सिंह भी उनकी बात के लिये जल्द ही राजी हो गए इसके बाद उनकी अवाज को देर तक सुनने के लिये पहले विमान के पायलट ने कंट्रोल रूम से संपर्क कर कहा कि वो विमान को आधे घंटे तक हवा में ही रखें। ऐसा करने से सभी लोगों को बड़े ही आनंद के साथ जगजीत सिंग के साथ रहकर अधिक समय बिताने मौका मिला। और उस दिन पाआईए के विमान ने दिल्ली के हवाई अड्डे पर निर्धारित समय से आधे घंटे देर से लैंडिंग की।