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एक बार फिर याद आया ‘जेसिका हत्याकांड’, 20 साल पहले अंधेरी रात को पब में हुआ था वो हादसा जब…

आज के दिन 5 जनवरी 1965 को जेसिका का जन्म हुआ था। तो आइए एक बार फिर सुनाते हैं इस जै हत्याकांड की कहानी...

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मुंबई

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Riya Jain

Jan 05, 2019

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'जेसिका हत्याकांड' याद कर आज भी रूह कांप जाती है। 30 अप्रैल, 1999 की रात को पब में हुए इस हादसे ने मानों पूरे देश में हलचल सी मचा दी थी। मॉडल जेसिका लाल की मौत ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। बता दें आज जेसिका की पुण्यतिथी है। आज के दिन 5 जनवरी, 1965 को जेसिका का जन्म हुआ था। तो आइए एक बार फिर सुनाते हैं इस हत्याकांड की कहानी...

जेसिका उन दिनों अपना घर चलाने के लिए मॉडलिंग किया करती थीं। साथ ही वह एक पब में काम करती थीं। 30 अप्रैल, 1999 की रात वो पब में थीं। उसी दौरान हरियाणा के कद्दावर कांग्रेसी नेता विनोद शर्मा का बेटा मनु शर्मा, जेसिका के पास आया। उस वक्त रात के दो बज चुके थे।

घटना के वक्त जेसिका काउंटर पर थीं। रात में मनु शर्मा, जेसिका के पास आए और उनसे शराब मांगने लगे। इसपर जेसिका ने कहा कि काउंटर बंद हो चुका है, ऐसे में वो उन्हें शराब नहीं दे सकती। जेसिका के मना करते ही नेताजी के बेटे का दिमाग फिर गया और उन्होंने .22 कैलिबर की पिस्टल निकालकर हवा में एक फायर किया। गोली बार के छत में जा लगी।

जेसिका तब भी नहीं डरी। इस बार मनु शर्मा ने जेसिका के सिर में गोली मार दी और उन्होंने वहीं दम तोड़ दिया। ये देखकर शायन मुंशी जोर से चीखे। गोली चलने के बाद वहां भाग-दौड़ की स्थिति पैदा हो गई। मौका देखकर मनु शर्मा घटनास्थल से फरार हो गए।

जेसिका की हत्या के बाद पुलिस ने मनु शर्मा को आरोपी के तौर पर गिरफ्तार कर लिया। लेकिन अदालती कार्रवाई के दौरान पुलिस की रिपोर्ट को झूठा माना गया और मनु को बरी कर दिया गया। मनु तो बरी हो गए लेकिन इस घटना पर मीडिया और आम लोगों ने कोर्ट के फैसले का जमकर विरोध किया।

जेसिका के परिवार को मीडिया का सपोर्ट मिला तो उन्होंने केस दोबारा खोला। इस दौरान पूरी दिल्ली ने जेसिका को इंसाफ दिलाने की मांग की। जब केस दोबारा खुला तो इसके चश्मदीद गवाह एक्टर श्याम मुंशी ने भी अपना बयान कोर्ट में दर्ज कराया। दिसंबर 2006 को दिल्ली हाई कोर्ट ने मनु शर्मा को मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फिलहाल मनु शर्मा तिहाड़ जेल में बंद है।