कंगना ने कहा कि अगर यही फेमिनिज्म है, तो फिर मैं फेमिनिस्ट नहीं हूं। अगर फेमिनिज्म मुझे पुरुष को 'न' कहने की इजाजत नहीं देता है और सिर्फ विशेषाधिकार की बात करता है, तो मैं फमिनिस्ट नहीं हूं। मुसीबतों से लडऩे में मैं खुद सक्षम थी।' कंगना आगे कहती हैं, 'मैंने हाल ही में जिस घटना का सामना किया, वह मेरे अतीत की घटनाओं से अलग थी। इस बार मेरे खिलाफ मीडिया ट्रायल चला, धमकियां मिलीं, मुझे शर्मसार कराने की कोशिश की गई, लेकिन मेरे खिलाफ कोई केस नहीं किया गया।'
