जानिए कौन है 'गुलाबो सिताबो' की बेगम, जिन्होंने Amitabh Bachchan का सालों पुराना सपना तोड़ा

By: Sunita Adhikari
| Published: 14 Jun 2020, 01:03 PM IST
जानिए कौन है 'गुलाबो सिताबो' की बेगम, जिन्होंने Amitabh Bachchan का सालों पुराना सपना तोड़ा

  • Gulabo Sitabo फिल्म में अमिताभ और आयुष्मान की एक्टिंग को काफी सराहा जा रहा है। लेकिन फिल्म में बेगम का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस फारुख जफर (Farrukh Jaffar) ने सारी लाइमलाइट लूट ली है।

नई दिल्ली: एक्टर अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) और आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) स्टारर फिल्म 'गुलाबो सिताबो' (Gulabo Sitabo) OTT प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) पर रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म को लेकर फैंस काफी उत्साहित थे। क्योंकि 3 महीने के बाद कोई बड़ी फिल्म रिलीज हुई है। डायरेक्टर शूजित सरकार (Soojit Sircar) की फिल्म में फिल्म 'गुलाबो सिताबो' को काफी पंसद किया जा रहा है। इस फिल्म में अमिताभ और आयुष्मान की एक्टिंग को काफी सराहा जा रहा है। लेकिन फिल्म में बेगम का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस फारुख जफर (Farrukh Jaffar) ने सारी लाइमलाइट लूट ली है। तो आजल हम आपको उनसे जुड़ी कुछ खास बातें बताते हैं।

'गुलाबो सिताबो' (Gulabo Sitabo Film) फिल्म 12 जून को अमेजन प्राइम पर रिलीज हो चुकी है। फिल्म में 87 साल की फारुख जफर की एक्टिंग की भी जमकर तारीफ हो रही है। फारुख जफर फिल्म इंडस्ट्री में काफी वक्त से काम रही हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 1981 में आई फिल्म 'उमराव जान' से की थी। इस फिल्म में वह रेखा (Rekha) के किरदार 'अमीरन' उर्फ 'उमराव जान' की मां के रोल में नजर आई थीं।

फारुख जफर शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की फिल्म 'स्वेदश' में भी नजर आई थीं। फिल्म में उन्होंने फातिमा बी का रोल प्ले किया था। इस फिल्म के बाद उन्होंने 23 साल बाद फिल्मों में वापसी की थी। इसके बाद वह पीपली लाइव, पार्चड, सुल्तान और सीक्रेट सुपरस्टार जैसी फिल्मों में नजर आईं। फारुख जफर तीनों खान शाहरुख खान, आमिर खान और सलमान खान के साथ काम कर चुकी हैं। आपको बता दें कि फारुख जफर के पति एक स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार थे। उन्होंने राजनीति में भी एंट्री की थी।

फारुख जफर ने फिल्मों में आने से पहले 1963 में लखनऊ के विविध भारती रेडियो स्टेशन में बतौर अनाउंसर काम शुरू किया था। कहा जाता है कि वह भारत की पहली महिला रेडियो अनाउंसर थीं।