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नासिक में विसर्जित की गई स्वर कोकिला लता मंगेशकर की अस्थियां

भारतरत्न लता मंगेशकर की अस्थियों को नासिक की पवित्र गोदावरी नदी में 10 फरवरी की सुबह विसर्जित किया गया। स्वर कोकिला को अंतिम विदाई देने के लिए नासिक जिला प्रशासन ने गोदावरी नदी के तट पर भव्य आयोजन किया था।

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Archana Keshri

Feb 10, 2022

नासिक में विसर्जित की गई स्वर कोकिसा लता मंगेशकर की अस्थियां

नासिक में विसर्जित की गई स्वर कोकिसा लता मंगेशकर की अस्थियां

स्वर कोकिला लता मंगेशकरअब हमारे बीच नहीं रही। रविवार यानी 6 फरवरी को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। वहीं आज यानी गुरुवार को लता मंगेशकरके परिवार वालों ने दीदी की अस्थियों का विसर्जिन किया। करीब 7 दशक तक देश की 5 पीढ़ियों में सुरों की मिठास घोलने वाली लता मंगेशकर 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गईं।

भारत की सुरीली आवाज की दुनिया को वीरान कर गईं लता मंगेशकर के निधन के बाद से ही उनके चाहने वाले दुखी हैं। भारत रत्न गायिका का मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। हजारों लोगों की भीड़ लता के अंतिम संस्कार में उमड़ी थी। सोमवार यानी 7 फरवरी को लता मंगेशकर के भतीजे आदिनाथ उनकी अस्थियां लेने शिवाजी पार्क पहुंचे थे। यहां पूरे विधि विधान के बाद लता मंगेशकर की अस्थियों को 3 कलश में रखकर आदिनाथ का सौंप दिया गया था।


रविवार को अस्थियां लेकर आदिनाथ लता मंगेशकर के निवास 'प्रभु कुंज' पहुंचे थे। गुरुवार सुबह उनके भतीजे आदिनाथ ने पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार कलश से अस्थियां नदी में प्रवाहित कीं है। संक्षिप्त धार्मिक समारोह में उनके भतीजे आदिनाथ मंगेशकर, बहन आशा भोसले और अन्य परिजन मौजूद थे। इससे पहले, हिंदू पुजारियों द्वारा परिवार और कुछ करीबी लोगों की उपस्थिति में एक छोटा प्रार्थना समारोह आयोजित किया गया था। बाद में, अस्थियों को पवित्र रामकुंड में विसर्जित कर दिया गया।

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बता दें, पहले कलश की अस्थियों का विसर्जन नासिक के रामकुंड में किया गया, ये वो जगह है जहां भगवान श्री राम 14 साल के वनवास के दौरान अपना दैनिक स्नान पवित्र रामकुंड में ही किया करते थे एवं उन्होंने अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध भी यहीं किया था। इससे पहले जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, वाई बी चव्हाण और अन्य कई नेताओं की अस्थियों को भी इसी पवित्र स्थान में विसर्जित किया गया था। स्वर कोकिला लता मंगेशकर की अस्थि विसर्जन के समय जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की भीड़ में लोग वहां एकत्रित हो गए। हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।


अन्य दो कलश को हरिद्वार और वाराणसी में प्रवाहित किया जाएगा। माना जा रहा है कि वाराणसी में होने वाले विसर्जन कार्यक्रम में यूपी के सीएम आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। नासिक के कई स्थानीय नेता भी इस अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में शामिल हुए।

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