
मीना कुमारी की जिंदगी की दर्दनाक कहानी
Bollywood Actress: बॉलीवुड के सुनहरे दौर में अगर कोई एक ऐसी अदाकारा थी जिसकी आंखों की नमी और आवाज का भारीपन सीधा दर्शकों के कलेजे को चीर देता था, तो वो थीं मीना कुमारी। जिन्हें दुनिया ने 'ट्रेजेडी क्वीन' का खिताब दिया, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि यह नाम उनके किरदारों से ज्यादा उनकी असल जिंदगी की हकीकत बन चुका था। 38 साल की छोटी सी उम्र में जब उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा, तो पीछे छोड़ गईं एक ऐसी कहानी जिसे सुनकर आज भी उनके फैंस रो जाते हैं।
मीना कुमारी का असली नाम महजबीन बानो था। उनकी जिंदगी की त्रासदी उनके जन्म के साथ ही शुरू हो गई थी। साल 1933 में जब उनका जन्म हुआ, तो उनके पिता के पास डॉक्टर की फीस देने के पैसे नहीं थे। गरीबी से मजबूर होकर पिता उन्हें एक अनाथालय के बाहर छोड़ आए थे, हालांकि ममता जागी तो कुछ घंटों बाद वापस ले आए। महज 9 साल की उम्र में, जब बच्चों के खेलने के दिन होते हैं, मीना कुमारी अपने परिवार का पेट पालने के लिए फिल्मों में एक्टिंग करने लगी थीं।
20 साल की उम्र तक आते-आते वो बॉलीवुड की सबसे बड़ी स्टार बन चुकी थीं। हर बड़ा डायरेक्टर और हीरो उनके साथ काम करना चाहता था। इसी दौरान उन्हें खुद से दोगुने बड़े और शादीशुदा कमाल अमरोही से प्यार हुआ। दोनों ने साल 1952 में गुपचुप निकाह कर लिया। लेकिन यह शादी खुशियों के बजाय बंदिशें लेकर आई। उस समय मीना कुमारी देश की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्री थीं, लेकिन घर के अंदर उन पर सख्त पाबंदियां थीं। उन्हें शाम 6 बजे तक हर हाल में घर लौटना होता था और किसी को भी उनके मेकअप रूम में जाने की इजाजत नहीं थी।
रिश्तों में आई दरार और अकेलेपन ने मीना कुमारी को नींद न आने की बीमारी यानी इंसोम्निया का शिकार बना दिया। डॉक्टर की सलाह पर दवा के तौर पर शुरू की गई 'ब्रांडी' कब उनकी लत बन गई, पता ही नहीं चला। इसी शराब ने उनके लिवर को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
इसी बीच उनकी महत्वाकांक्षी फिल्म 'पाकीजा' 14 साल से अधूरी पड़ी थी। जब कमाल अमरोही ने इसे पूरा करने के लिए खत लिखा, तो मीना कुमारी मौत के करीब थीं। उनका शरीर बीमारी से फूल चुका था और चेहरा बदल गया था। लेकिन सुनील दत्त और नरगिस जैसे दोस्तों के कहने पर उन्होंने गिरती सेहत के बावजूद शूटिंग पूरी की। फरवरी 1972 में जब फिल्म रिलीज हुई और उन्होंने खुद को पर्दे पर देखा, तो वो रो पड़ीं। उन्हें यकीन नहीं था कि वो इतनी खूबसूरत दिख सकती हैं।
पाकीज़ा' की सफलता के महज तीन हफ्ते बाद मीना कुमारी का लिवर पूरी तरह फेल हो गया। 31 मार्च 1972 को इस महान अदाकारा ने अंतिम सांस ली। विडंबना देखिए, जिस अभिनेत्री ने सालों तक इंडस्ट्री पर राज किया, मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को अस्पताल से ले जाने के लिए पैसे नहीं थे। अस्पताल का बिल बकाया था और उनके पास कुछ नहीं बचा था। आखिर में उनके डॉक्टर ने अपनी जेब से पैसे भरकर बिल चुकाया, तब जाकर उन्हें अंतिम विदाई दी जा सकी।
Updated on:
29 Apr 2026 10:38 am
Published on:
29 Apr 2026 10:38 am
