
padmini kolhapure
आज 70-80 के दशक की खूबसूरत आदाकारा पद्मिनी कोल्हापुरे का 52 वा जन्मदिन हैं। बता दें पद्मिनी हिंदी फिल्मो की जानी-मानी अभिनेत्रियों मे से एक है।पद्मिनी कोल्हापुरे ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में कई एसे रोल किए जिससे लोगों ने उन्हें अडल्ट एक्ट्रेस कहना शुरू कर दिया था। उनका जन्म 1 नंवबर, 1965 को महाराष्ट्रियन परिवार में हुआ था। पद्मिनी ने फिल्म सत्यम शिवम सुन्दरम में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट डेब्यू किया था। इस फिल्म के बाद उन्होंने- साजन बिना ससुराल और थोड़ी सी बेवफाई जैसी फिल्मों में भी अपने बेहतरीन अभिनय का परिचय दिया। 1980 में रिलीज हुई फिल्म गहराई में पद्मिनी ने एक न्यूड सीन देकर सुर्खियां बटोरी। इतना ही नहीं इसी साल आई फिल्म इंसाफ का तराजू में भी पद्मिनी ने एक लंबा रेप सीन दिया। जिसके बाद लोगों ने पद्मिनी कोल्हापुरे अडल्ट एक्ट्रेस का तमगा दे दिया। ये दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई।
उनके पिता पंढ़रीनाथ कोल्हापुरे शास्त्रीय संगीत के गायक थे वही उनकी माँ एक एयरलाइंस मे काम करती थी। एक्ट्रेस बनने से पहले पद्मिनी सिंगर थी। बचपन से ही अपनी बहन के साथ पद्मिनी कोरस मे गाना गाया करती थी। उन्होंने यादो की बारात फिल्म मे भी गाना गाया है। आपको जानकर हैरानी होगी की बॉलीवुड की स्वर कोकिला लता मंगेशकर के पिता दीनानाथ मंगेशकर पद्मिनी के रिश्तेदार थे। रिश्ते मे पद्मिनी बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर की मौसी लगती है।
आपको जानकर हैरानी होगी की पद्मिनी राजेश खन्ना की बहुत बड़ी फैन हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा भी था कि,- मेरी मां एयर इंडिया में एयर होस्टेस थीं । जब भी राजेश खन्ना शूटिंग के लिए कहीं जाते या आते तो मम्मी मुझे बता देती थीं और मैं राजेश खन्ना को देखने एयरपोर्ट आती थी। पद्मिनी की लवस्टोरी भी काफी दिलचस्प रही थी उन्होंने प्रोड्यूसर प्रदीप शर्मा के साथ भागकर शादी की थी।
इसके अलावा उनके फिल्मी करियर में ऋषि कपूर और पद्मिनी कोल्हापुरे की ब्लाकबस्टर फिल्म प्रेम रोग ने भी सिनेमा घरों में आते ही तूफान मचा दिया था। इस फिल्म से पद्मिनी काफी पॉपुलर हो गईं थीं। इस फिल्म को महान एक्टर-डायरेक्टर राज कपूर ने डायरेक्ट किया था। फिल्म के लिए उन्हें निर्देशन के लिए बेस्ट डायरेक्टर फिल्मफेयरअवॉर्ड भी मिला। इसके साथ ही यह फिल्म बाक्सऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़ने में कामयाब रही।
लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें एहसास हुआ कि इस तरह की फिल्में कर ज्यादा समय तक इंडस्ट्री में कामयाब नहीं रह पाएंगी। पद्मिनी को लेकर लोगों के मन में धारणा बदल रही थी। जब इस बात का अहसास पद्मिनी को हुआ तो वो इस तरह के सीन करने से बचने लगी। हालांकि डायरेक्टर्स लगातार इस तरह की फिल्में लेकर उनके पास आते रहें। लेकिन वो हर फिल्म को ठुकराती चली गईं।
Published on:
01 Nov 2017 12:05 pm
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