जब पत्नी संग बॉयज हॉस्टल में रहते थे पंकज त्रिपाठी, एडमिनिस्ट्रेशन को नहीं पता था और लड़के मिलकर कर रहे थे ये काम...

By: Riya Jain
| Published: 05 Sep 2019, 10:55 AM IST
जब पत्नी संग बॉयज हॉस्टल में रहते थे पंकज त्रिपाठी, एडमिनिस्ट्रेशन को नहीं पता था और लड़के मिलकर कर रहे थे ये काम...
जब पत्नी संग बॉयज हॉस्टल में रहते थे पंकज त्रिपाठी, एडमिनिस्ट्रेशन को नहीं पता था और लड़के मिलकर कर रहे थे ये काम...

पत्नी समेत NSD के बॉयज हॉस्टल में शिफ्ट हो गए। यह बात लगभग सभी को पता थी लेकिन NSD एडमिनिस्ट्रेशन को इस बात की कोई खबर नहीं थी।

बॅालीवुड इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता पंकज त्रिपाठी ( pankaj tripathi ) आज देश के टॅाप स्टार्स में से एक बन चुके हैं। कई साल इंडस्ट्री को देने के बाद आज वह इस मुकाम पर पहुंचे हैं। उन्हें असली पहचान फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' और 'मिर्जापुर' जैसी सीरीज करने से मिली है। यूं तो हम पंकज त्रिपाठी के बारे में कई बातें जानते हैं, लेकिन आज हम आपको उनकी जिंदगी की एक सीक्रेट बात बताने जा रहे हैं।

 

जब पत्नी संग बॉयज हॉस्टल में रहते थे पंकज त्रिपाठी, एडमिनिस्ट्रेशन को नहीं पता था और लड़के मिलकर कर रहे थे ये काम...

अपने सपने पूरे करने के लिए स्ट्रगल के दिनों में पंकज ने NSD में दाखिला लिया था। साल 2001 में उनका सेलेक्शन NSD में हो गया था जिसके चलते वह दिल्ली आ गए। लेकिन इस पढ़ाई के दौरान ही पंकज की उम्र काफी हो चुकी थी इसी के चलते उन्होंने शादी कर ली। NSD से पास आउट होने में अभी 4-5 महीने थे इसी के चलते वह जनवरी महीने में शादी करके पत्नी के साथ दिल्ली आ गए।

जब पत्नी संग बॉयज हॉस्टल में रहते थे पंकज त्रिपाठी, एडमिनिस्ट्रेशन को नहीं पता था और लड़के मिलकर कर रहे थे ये काम...

वह वहां के एक घर में किराए पर रहने लगे। इसी के साथ हर रोज NSD की क्लास भी अटेंड करते रहे। लेकिन धीरे- धीरे वह क्लास में कम जाने लगे। एक दिन NSD प्रशासन ने कहा कि, अटेंडेंस पूरी चाहिए। अब हालात कुछ यूं बने कि उन्हें आखिरी महीने में हर रोज स्कूल आने का फरमान सुनाया गया। अब लक्ष्मी नगर में रहकर रोज ड्रामा स्कूल आना पॉसिबल नहीं था तो इसी के चलते व्ह पत्नी समेत NSD के बॉयज हॉस्टल में शिफ्ट हो गए। यह बात लगभग सभी को पता थी लेकिन NSD एडमिनिस्ट्रेशन को इस बात की कोई खबर नहीं थी।

 

जब पत्नी संग बॉयज हॉस्टल में रहते थे पंकज त्रिपाठी, एडमिनिस्ट्रेशन को नहीं पता था और लड़के मिलकर कर रहे थे ये काम...

उनका रूममेट दूसरे कमरे में शिफ्ट हो चुका था। अब पंकज के कमरे में खाना बनता और सभी- साथी और होस्टल के लड़के मिलकर खाना खाते। यह सिलसिला 1 महीने तक चला।