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‘Welcome to the Jungle’ पर कॉपी का आरोप? अहमद खान ने तोड़ी चुप्पी, बोले-तुलना करना गलत है

Welcome to the Jungle: फिल्म 'Welcome to the Jungle' पर कॉपी करने के आरोप लगाए जाने के बाद निर्देशक अहमद खान ने इस विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
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Welcome to the Jungle

Welcome to the Jungle (IMDb)

Welcome to the Jungle: अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' का ट्रेलर रिलीज होने के बाद इसकी तुलना हॉलीवुड फिल्म 'ट्रॉपिक थंडर' से की जा रही है। अब फिल्म के डायरेक्टर अहमद खान ने इस तुलना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि फिल्म का आइडिया भले कुछ लोगों को हॉलीवुड की याद दिलाए, लेकिन इसकी कहानी और ट्रीटमेंट पूरी तरह अलग है और इसकी नींव दिवंगत राइटर-डायरेक्टर नीरज वोरा ने करीब एक दशक पहले ही तैयार कर दी थी।

फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी अनोखी कॉमेडी है

एक इंटरव्यू में अहमद खान ने बताया कि फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी अनोखी कॉमेडी है। उनके मुताबिक, अगर ट्रेलर को बिना आवाज के देखा जाए तो ये किसी बड़े युद्ध पर बेस्ड एक्शन फिल्म लगती है, लेकिन जैसे ही आवाज सुनाई देती है, दर्शकों को एहसास होता है कि ये पूरी तरह हास्य से भरपूर कहानी है। यही विरोधाभास फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है।

निर्देशक अहमद खान ने साफ कहा कि 'वेलकम टू द जंगल' की स्क्रिप्ट नीरज वोरा ने अपने जीवनकाल में लिखी थी। इसके बाद में निर्माता फिरोज नाडियाडवाला ने उसे आगे बढ़ाया और डायलॉग्स को अंतिम रूप देने के लिए फरहाद सामजी को जोड़ा गया। अहमद खान के अनुसार, पूरी कोशिश यही रही कि नीरज वोरा की लेखन शैली और उनके खास हास्य का स्वाद बरकरार रहे।

फिल्म की तुलना करने पर अहमद खान

फिल्म की तुलना 'ट्रॉपिक थंडर' से किए जाने पर अहमद खान ने कहा कि हर दौर की फिल्मों में कुछ समानताएं दिखाई दे सकती हैं, लेकिन असली फर्क उसके प्रस्तुतीकरण में होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक ही विषय पर बनी कई फिल्में अलग अंदाज और कहानी के कारण अपनी अलग पहचान बनाती हैं। उनका मानना है कि 'वेलकम टू द जंगल' भी अपने किरदारों, हास्य और घटनाओं की वजह से एक अलग अनुभव देने वाली फिल्म है।

अहमद खान ने ये भी बताया कि फिल्म में ऐसे लोगों की कहानी दिखाई गई है जो एक फिल्म की शूटिंग के दौरान अचानक असली संघर्ष में फंस जाते हैं और परिस्थितियां उन्हें वास्तविक हीरो बनने पर मजबूर कर देती हैं। यही कहानी फिल्म को पारंपरिक कॉमेडी से अलग बनाती है।