इस एक्टर को पिता चाहते थे आईएएस ऑफिसर बनाना, मगर विलेन बनकर कमाया नाम, अपनी बुंलद आवाज से जीता फैंस का दिल

By: Pratibha Tripathi
| Updated: 21 Sep 2020, 08:59 AM IST
इस एक्टर को पिता चाहते थे आईएएस ऑफिसर बनाना, मगर विलेन बनकर कमाया नाम, अपनी बुंलद आवाज से जीता फैंस का दिल

'प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा', जी हां अपने अभिनय और खास अदाओं सेPrem Chopra हमेशा लोगों के दिलों में छाया रहते हैं।

नई दिल्ली। फिल्म इंडस्ट्री में कुछ ऐसे कलाकार हैं जिन्हे देश का बच्चा-बच्चा जानता है ऐसे ही दिग्गज कलाकार हैं प्रेम चोपड़ा (Prem Chopra)। उनका यह डायलॉग तो आपने ज़रूर सुना होगा, 'प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा', जी हां अपने अभिनय और खास अदाओं से वे हमेशा लोगों के दिलों में छाया रहता हैं। प्रेम चोपड़ा ऐसे सदाबहार कलाकार हैं जो दशकों तक हिंदी सिनेमा में अपने अभिमय की अमिट छाप छोड़ी है, शायद एक हीरो भी अपनी इस तरह से पहचान कायम नहीं कर पाता जितना विलेन बन कर उन्होंने नाम कमाया है।

हकीकत तो यह है कि सिनेमा को दिए अपने ज़िंदगी के इतने लंबे अरसे तक विलेन का किरदार निभाते-निभाते लोग उन्हें असल जिंदगी में विलेन मानने लगे थे। आजादी से पहले लाहौर में पैदा हुए प्रेम चोपड़ा ने भारत-पाकिस्तान के बटवारे का ज़ख्म सहा है। बंटवारे के बाद प्रेम चोपड़ा की फैमली हिमाचल के शिमला में आकर बस गई थी। वैसे प्रेम चोपड़ा के बारे में कहा जाता है कि वे पढ़ने-लिखने में काफी होशियार थे, इसी लिए उनके पिता अपने बेटे को आईएएस अधिकारी बनाना चाहते थे। इसकी वजह यह थी कि प्रेम चोपड़ा के पिता खुद सरकारी मुलाजिम थे, ज़ाहिर है ऐसे में उनका एक स्थान से दूसरे स्थान पर तबादला होता रहता था। जब पिता का ट्रांसफर पंजाब हुआ तो वे भी पिता के साथ पंजाब आए और यहीं प्रेम चोपड़ा ने पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई शुरू करदी थी। पढ़ाई के ही दौरान वे कॉलेज के थियेटर ग्रुप से जुड़े और उसी से उन्हें अभिनय का शौक लगा था।

बतादें प्रेम चोपड़ा ने अभिनय में करियर बनाने के लिए साल 1960 में आई फिल्म 'मुड़ मुड़ के न देख' से शुरुआत की थी। भले ही प्रेम चोपड़ा ने 'मुड़ मुड़ के न देख' फिल्म में अभिनय किया लेकिन इस फिल्म से उन्हें कोई खास पहचान नहीं पिल पाई थी। इससे वे थोड़ी मायूस हुए और उन्होंने पंजाबी फिल्मों की ओर अपना रुख कर लिया। इस दौरान उन्होंने कई पंजाबी फिल्मों में काम किया, जिससे पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में उनकी पहचान बन गई। लेकिन किस्मतच कुछ और चाहती थी उन्हें एक बार फिर बॉलीवुड में फिल्मों में काम मिलने लगा। दूसरी पारी में प्रेम चोपड़ा ने 'शहीद', 'हम हिंदुस्तानी', 'वो कौन थी?','जानवर','मेरा साया', 'प्रेम पुजारी', 'पूरब' और पश्चिम', 'कटी पतंग', 'दो अनजाने', 'काला सोना', 'दोस्ताना', 'क्रांति', 'फूल बने अंगारे', जैसी लाजवाब फिल्में कीं और इन फिल्मों की वजह से वे दर्शकों के दिलों में राज करने लगे। साल 2019 में आई फिल्म 'लाइन ऑफ डीसेंट' प्रेम चोपड़ा की अब तक की आखिरी फिल्म है, इसके बाद वे किसी फिल्म में नज़र नहीं आए।

स्क्रीन पर प्रेम चोपड़ा जितने खतरनाक दिखते हैं लेकिन पर्सनल लाइफ में वे उतने ही सरल और ज़िंदादिल इंसान हैं। उनकी पत्नी उमा चोपड़ा भी बेहद पारिवारिक महिला हैं। इस कपल को 3 बेटियां हैं रकिता, पुनीता और प्रेरणा चोपड़ा। तीनों बाटियां अपनी माता-पिता के संस्कारों की वजह से अपन् अपने ससुराल में खुशहाल ज़िंदगी बसर कर रही हैं। पुनिता के पति सिंगर और एक्टर विकास भल्ला है, रकिता की शादी डिजाइनर राहुल नंदा से हुई है तो प्रेरणा की के जीवन साथी बॉलीवुड एक्टर शरमन जोशी हैं।