
Rajpal Yadav On Cheque Bounce Case: बॉलीवुड के जाने-माने और अपनी कॉमेडी से लोगों का दिल जीतने वाले अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) इन दिनों एक लंबे समय से चले आ रहे कानूनी विवाद के चलते सुर्खियों में हैं। शनिवार को अभिनेता ने सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद किया है, क्योंकि अदालत ने उनके खिलाफ चल रहे बहुचर्चित चेक बाउंस मामले में उनका पक्ष सुना है। राजपाल यादव का कहना है कि पिछले 14 सालों में उन्हें पहली बार अपनी बात खुलकर सामने रखने का अवसर मिला है और साथ ही उन्होंने इस मामले पर अपनी भड़ास भी निकाली है।
ANI से राजपाल यादव ने खास बातचीत की। इस दौरान अभिनेता ने इस पूरे कानूनी विवाद पर खुलकर कहा कि यह मुकदमा अपने आप में बेहद अनोखा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तक मामले के दोनों पक्षों को ठीक से न सुना जाए, तब तक न्याय कैसे हो सकता है? पूरा मामला लगभग 5 करोड़ रुपये के कर्ज का था, जो ब्याज और अन्य शुल्कों के कारण बढ़कर 22 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
राजपाल यादव ने आगे इस मामले में सफाई दी और कहा, "मैंने पहले दिन ही कहा था कि मेरे ऊपर तीन आरोप लगे हैं कि राजपाल ने 5 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। राजपाल ने कर्ज लिया है और राजपाल ने एक व्यापारी को धोखा दिया है। इतने सारे सबूतों के बावजूद राजपाल को समझ नहीं आ रहा कि उसने कैसे धोखा दिया? मुझे लगता है कि जब इतने सारे समझौते हैं, तो धोखाधड़ी का सवाल ही नहीं उठता, और जिसने पूरी दुनिया का दिल जीता है, वह 5 करोड़ रुपये का घोटाला करेगा? यह पागलपन है।"
राजपाल यादव ने कहा कि वह अब मध्यस्थता (Mediation) के दौरान अपना पक्ष रखेंगे और अदालत दोनों पक्षों को सुनने के बाद जो भी फैसला सुनाएगी, वह उन्हें पहले भी स्वीकार था, आज भी स्वीकार है और आगे भी स्वीकार रहेगा। साथ ही, अदालत में नाटक करने के आरोपों पर जवाब देते हुए उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह पिछले 42 साल से फिल्मों में काम कर रहे हैं, लेकिन असल जिंदगी में वह एक्टिंग नहीं करते और न ही किसी के साथ खिलवाड़ करते है।
यह पूरा कानूनी विवाद साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म 'अता पता लापता' के निर्माण के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। इसके एवज में दिए गए 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक बाउंस हो गए थे, जिसके बाद कंपनी ने उनके खिलाफ चेक बाउंस का मामला दर्ज करा दिया था। समय के साथ ब्याज और पेनल्टी जुड़ने के कारण यह रकम काफी बढ़ गई।
इस महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने बकाया राशि जमा न करने पर कड़ी नाराजगी जताई थी, जिसके बाद राजपाल यादव खुद अदालत में पेश हुए थे। उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया था कि वह 2 करोड़ रुपये का भुगतान करेंगे और इसके तहत 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी पेश किया था। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें निर्देश दिए थे। अब अभिनेता को उम्मीद है कि मध्यस्थता के जरिए इस लंबे कानूनी संघर्ष का कोई सकारात्मक समाधान निकल सकेगा।
Updated on:
18 Oct 2026 09:15 am
Published on:
18 Oct 2026 08:47 am
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