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एनसीआरटी के समझौते से खुश हैं रणवीर, बधिर बच्चों के लिए करेंगे काम

रणवीर सिंह भारत में बधिर बच्चों के लिए सांकेतिक भाषा का उपयोग करके टेक्स्ट बुक्स और अन्य शैक्षिक सामग्री को सुलभ बनाने के लिए काफी समय से काम कर रहे हैं।

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Oct 29, 2021

Bollywood Updates: रणवीर सिंह भारत में बधिर बच्चों के लिए सांकेतिक भाषा का उपयोग करके टेक्स्ट बुक्स और अन्य शैक्षिक सामग्री को सुलभ बनाने के लिए काफी समय से काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं, रणवीर बधिर समुदाय के सामने आने वाली चुनौतियों और मुद्दों को उठाने की दिशा में भी लगातार काम कर रहे हैं। वह अधिकारियों से भारतीय सांकेतिक भाषा (आइएसएल) को भारत की 23वीं आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता देने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं।

बधिरों के लिए खास रिेकॉड्र्स
रणवीर ने इस संबंध में जागरूकता बढ़ाने के लिए हाल ही एक याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं। रणवीर ने कहा कि एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों को आइएसएल में कक्षा 1 से 5 के छात्रों के लिए डिजिटल रूप से उपलब्ध कराना, वास्तव में एक समावेशी समाज की ओर बड़ा कदम है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने बधिर बच्चों को सांकेतिक भाषा का उपयोग करने वाली शैक्षिक सामग्री तक पहुंच प्रदान करने के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र (आईएसएलआरटीसी) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

रणवीर का कहना है कि, 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक प्रगतिशील कदम है जिसकी बधिर समुदाय और राष्ट्र को बहुत आवश्यकता है और मैं इस बड़े कदम की सराहना करता हूं। यह बधिर समुदाय के 70 लाख लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। श्रणवीर कहते हैं।

गौरतलब है कि रणवीर ने नवजर ईरानी के साथ अपना एक इंडिविजुअल रिकॉर्ड लेबल 'इंकइंक' शुरू किया है। इसके तहत उन्होंने बधिर बच्चों के लिए सांकेतिक भाषा में कई संगीत वीडियो जारी किए हैं। ऐसा करने वाला यह संभवत: देश का अकेला रिकॉर्ड लेबल है। रणवीर ने कहा, 'इंकइंकÓ के जरिए मैं व्यक्तिगत रूप से इस समुदाय के लिए आवाज उठाता रहूंगा।

Published on:
29 Oct 2021 08:20 pm
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