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आते-जाते लोगों को सलाम ठोक भीख मांग रहा था यह एक्‍टर, साहिर ने पहचाना तो सीने से लगा दिया काम

साहिर लुधियानवी की कवाली के लिए एक चेहरा ढूंढा जा रहा था । एक दिन जब सॉंगराइटर साहिर लुधियानवी BR फिल्म्स के ऑफिस पहुंचे...

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Pawan Kumar Rana

Jan 06, 2018

Sahir Ludhianvi

Sahir Ludhianvi

यह वाकया साल 1958 में रिलीज हुई फिल्म साधना की शूटिंग के दौरान का है। इस फिल्म में एक कवाली काफी फेमस हुई थी जिसके बोल थे ‘आज क्यूं हमसे पर्दा है’। फिल्म साधना के लिए यह कवाली मशहूर सांग राइटर साहिर लुधियानवी (Sahir Ludhianvi) ने लिखी थी।

साल 1958 में आई फिल्म साधना में साहिर लुधियानवी की कवाली के लिए एक चेहरा ढूंढा जा रहा था । एक दिन जब सांग राइटर साहिर लुधियानवी बी.आर. फिल्म्स के ऑफिस पहुंचे तो उन्होंने सड़क के किनारे एक शख्स को देखा। खराब हालत में सड़के किनारे बैठा वह शख्स आते-जाते लोगों को सलाम ठोककर भीख मांग रहा था लेकिन कोई उस पर ध्यान नहीं दे रहा था। जब साहिर ने उस शख्स को गौर से देखा तो वह तेजी से उसकी तरफ दौड़े। साहिर ने उस शख्स को उठाया और सीने से लगा लिया।

साहिर उस शख्स को स्टूडियो के अंदर ले आए और उसके खाने-पीने के लिए मंगवाया। साहिर ने बी.आर चोपड़ा से कहा कि कवाली में यह काम करेंगे। बी.आर चोपड़ा ने ऐतराज जताया तो साहिर ने गुस्सा से कहा कि जिसके बारे में वह बात करे हैं वह बहुत बड़े स्टार हैं। साहिर जिस शख्स को स्टूडियो में लेकर आए थे वह और कोई नहीं बल्कि मास्टर निसार थे।

30 के दशक में मास्टर निसार लोगों के पसंदीदा स्टार थे। लोग उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब रहते थे। टॉकीज ऐरा में भी मास्टर निसार ने खूब नाम कमाया था लेकिन इसके बाद उनका सितार गर्दिश में चला गया। धीरे-धीरे काम मिलना बंद हो गया। यहां तक कि रोजमर्रा में पैसों की कमी आने लगी। आखिर में बीमारी के चलते उनकी डेथ हो गई थी। कहा जाता है कि उनकी डेथ पर कोई आंसू बहाने वाला तक नहीं था।

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