शत्रुघ्न सिन्हा और अमिताभ बच्चन के बीच थी ईगी की लड़ाई शत्रुघ्न ने अपनी जीवनी 'एनीथिंग बट खामोश' में किए कई खुलासे फिल्म 'काला पत्थर' के फाइट सीन के दौरान बढ़ी दूरियां
नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा आज अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 9 दिसंबर, 1945 को पटना में हुआ था। शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने दम पर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है। इस पहचान को बनाने में उन्हें काफी लंबा वक्त लगा। उन्होंने अपने करियर में बेहद ही कम फिल्मों में लीड रोल निभाया है। ज्यादातर फिल्मों में वह सपोर्टिंग एक्टर के तौर पर नजर आए हैं। हालांकि उनकी एक्टिंग को लोगों द्वारा काफी पसंद किया गया। एक दौर ऐसा भी आया जब वह अमिताभ बच्चन को टक्कर देने लगे थे। यही वजह है कि दोनों के रिश्तों में खटास भी रहने लगी थी।
काला पत्थर फिल्म के दौरान बढ़ी दूरियां
दरअसल, शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी जीवनी, 'एनीथिंग बट खामोश' (Anything But Khamosh!) में अमिताभ के अपने रिश्तों का जिक्र किया है। इसमें उन्होंने बताया कि तरह दोनों के बीच ईगी की लड़ाई चल रही थी। अमिताभ को लगता था कि फिल्म नसीब, शान, दोस्ताना और काला पत्थर में शत्रुघ्न उनपर भारी पड़े थे। फिल्म काला पत्थर के एक सीन का जिक्र करते हुए शत्रुघ्न ने बताया कि दोनों के बीच एक फाइट सीन होना था। इसमें दोनों को ही एक-दूसरे को बराबर से मारना था। लेकिन शूट होने से पहले ही सीन को बदल दिया गया। अमिताभ को कहा गया कि वो शत्रुघ्न को सीन में अधिक मारेंगे। उसके बाद शशि कपूर आकर दोनों को रोकेंगे। शत्रुघ्न को यह बात पसंद नहीं आई। इसी कारण सीन शूट होने में घंटों की देरी हुई थी।
किताब में किए कई खुलासे
अपनी जीवनी में शत्रुघ्न सिन्हा ने कई और भी खुलासे किए थे। उन्होंने बताया कि जिस कुर्सी पर अमिताभ बच्चन बैठा करते थे, उसकी बगल वाली कुर्सी पर उन्हें बैठने नहीं दिया जाता था। धूप के लिए अमिताभ जिस छाते का उपयोग करते थे, उसे कभी दूसरे को नहीं दिया जाता था। इसके साथ शत्रुघ्न ने खुलासा किया कि शूट के बाद अगर दोनों को एक ही होटल में जाना होता था तब भी वो एक कार में नहीं जाते थे। इस बात से शत्रुघ्न को अजीब लगता था। किताब में यहां तक लिखा है कि अमिताभ शत्रुघ्न के साथ स्क्रीन शेयर नहीं करना चाहते थे क्योंकि दर्शक उन्हें ज्यादा पसंद करने लगे थे।