19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एक करोड़ के चेक बाउंस मामले में कोर्ट ने दिलीप कुमार को किया बरी

तबीयत ठीक नहीं होने के चलते दिलीप कुमार कोर्ट में पेश नहीं हुए, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में कोर्ट ने फैसला सुनाया...

2 min read
Google source verification

image

Dilip Chaturvedi

Feb 23, 2016

dilip kumar

dilip kumar

मुंबई। मुंबई के गिरगांव में मैट्रोपोलिटन मैजिस्ट्रेट ने मंगलवार को बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार को चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में बरी कर दिया है।गौरतलब है कि तबीयत ठीक नहीं होने के चलते दिलीप कुमार कोर्ट में पेश नहीं हुए, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में कोर्ट ने फैसला सुनाया। इसमें दिलीप कुमार सहित चार लोग आरोपित थे, जिनमें से दो लोगों को दोषी करार दिया गया है, जबकि दिलीप कुमार सहित दो लोगों को बारी कर कर दिया गया है।

1998 में यानी 18 साल पहले सुपरस्टार दिलीप कुमार के खिलाफ एक केस फाइल किया गया था। उस केस की आज सुनवाई थी। इसे लेकर दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो बेहद चिंतित थी। उन्होंने अपने दर्द को ट्विटर पर बयां किया था। बता दें कि जब से ट्विटर पर सायरा का बयान आया, तब से सोशल मीडिया में इतनी ज्यादा उम्र में दिलीप कुमार को पेश होने के आदेश को लेकर काफी आलोचना हो रही थी।

सायरा बानो ने ट्वीट में लिखा कि यह बताते हुए मेरा दिल बैठा जा रहा है कि दिलीप साहब एक पुराने केस में मंगलवार को गिरगांव में मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट बी.एस. खराडे की अदालत में पेश होंगे। इस केस में कोर्ट फैसला भी सुना सकता है। आप लोग उनकी सेहत के लिए दुआ करें, मुझे आपका सपोर्ट चाहिए।

क्या है केस?
यह केस डेक्कन सीमेंट्स ने फाइल किया था। 1998 में दिलीप कुमार कोलकाता स्थित ट्रेडिंग कंपनी जीके एक्जिम इंडिया लिमिटेड में डायरेक्टर थे। डेक्कन सीमेंट्स ने जीके में एक करोड़ रुपए का निवेश किया था। जब यह निवेश चुकाने का समय आया, तो दिलीप कुमार की कंपनी ने दो चेक इशू किए, लेकिन वो बाउंस हो गए। उन पर चेक बाउंसिंग का केस निगोशेबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 में किया गया।





ये भी पढ़ें

image