Mahesh Bhatt के कहने पर ही अपने करियर के शीर्ष पर पहुंचे Vinod Khanna बन गए थे संन्यासी

By: Sunita Adhikari
| Published: 23 Aug 2020, 01:32 PM IST
Mahesh Bhatt के कहने पर ही अपने करियर के शीर्ष पर पहुंचे Vinod Khanna बन गए थे संन्यासी
Mahesh Bhatt Vinod Khanna

  • बॉलीवुड फिल्म निर्माता व निर्देशक महेश भट्ट (Mahesh Bhatt) इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput Death) की मौत के बाद से ही रिया चक्रवर्ती और महेश भट्ट का रिश्ता लगातार सवालों के घेरे में है।

नई दिल्ली: बॉलीवुड फिल्म निर्माता व निर्देशक महेश भट्ट (Mahesh Bhatt) इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput Death) की मौत के बाद से ही रिया चक्रवर्ती और महेश भट्ट का रिश्ता लगातार सवालों के घेरे में है। हाल ही में रिया और महेश भट्ट की WhatsApp Chat वायरल हुई थी। इसमें रिया सुशांत का घर छोड़कर महेश भट्ट को मैसेज करती हैं और बताती हैं कि वो अब आगे बढ़ गई हैं। जिसपर महेश भट्ट उन्हें पीछे न मुड़ने के लिए कहते हैं। जिसके बाद ये कहा जा रहा है कि महेश भट्ट के कहने पर ही रिया ने सुशांत से ब्रेकअप किया था। जिसके बाद रिया ने 8 जून को सुशांत का घर छोड़ दिया था और 14 जून को सुशांत की रहस्यमई मौत हो गई।

लेकिन ये पहला मौका नहीं है जब महेश भट्ट किसी और की जिंदगी में इतने अहम फैसले लेने के लिए सुर्खियों में आए हों। इससे पहले महेश भट्ट उस वक्त चर्चा में आए थे जब उन्होंने अपने दोस्त विनोद खन्ना (Vinod Khanna) को आध्यात्म की ओर जाने के लिए प्रेरित किया था।

अस्सी के दशक में विनोद खन्ना का करियर सुपरहिट था। इस समय में विनोद खन्ना अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) को स्टारडम के मामले में टक्कर दे रहे थे। ऐसा माना जा रहा था कि जल्द ही विनोद खन्ना अमिताभ बच्चन को भी पीछे छोड़ देंगे। लेकिन इस दौरान विनोद खन्ना की मां का निधन हो गया। इस घटना ने विनोद खन्ना को तोड़कर रख दिया था। जिसके बाद महेश भट्ट ने उन्हें आध्यात्म की ओर जाने की सलाह दी थी। महेश भट्ट ने विनोद खन्ना को ओशो रजनीश के बारे में बताया था।

दैनिक भास्कर में छपी खबर के मुताबिक एक इंटरव्यू में महेश भट्ट ने कहा था कि ज्यादा लोगों को नहीं पता लेकिन मैं ही विनोद खन्ना को ओशो रजनीश के पुणे आश्रम लेकर गया था। मां के निधन के बाद से विनोद खन्ना काफी दुखी थी। उन्हें वहां आश्रम में काफी सुकून मिला। हम दोनों संन्यासी बन गए थे। उन दिनों हम भगवा वस्त्र धारण किया करते थे। कुछ वक्त के बाद मैं आश्रम से निकल आया लेकिन विनोद वहीं रुक गए थे। उसके बाद वह विनोद को अमेरिका ले गए। पांच साल तक विनोद संन्यासी जीवन जीने के बाद विनोद एक बार फिर मुंबई वापस लौट आए। उन्होंने फिर से अपना फिल्मी करियर शुरु किया। लेकिन इस बार वह नाकाम रहे। आपको बता दें कि विनोद खन्ना का कैंसर के कारण 27 अप्रैल, 2017 को निधन हो गया था।

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