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सुशांत सिंह राजपूत जूझ रहे थे बाइपोलर डिसऑर्डर बीमारी से, जानिए क्या हैं इसके लक्षण और उपचार

बाइपोलर डिसऑर्डर एक तरह का मानसिक रोग है। जिसमें पीड़ित व्यक्ति का मन कई हफ्तों या महीनों तक या तो काफी उदास रहेगा या फिर बेहद खुश रहता है। उदासी की स्थिति में कई तरह के विचार आते हैं। ये विचार ज्यादातर नकारात्मक होते हैं।

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What's The Bipolar Disorder

नई दिल्ली: एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत को ढाई महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है। उनकी मौत से हर कोई हक्का-बक्का रह गया था। सुशांत की मौत को लेकर भले ही अभी तक कई तरह की थ्योरी निकलकर सामने आई हों, लेकिन अगर जिस एक चीज की शुरुआत से बात हो रही है, वो है डिप्रेशन। सुशांत को लेकर उनके करीबी और उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ये कह चुकी हैं कि वह डिप्रेशन से गुजर रहे थे। सुशांत को बाइपोलर डिसऑर्डर था। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि बाइपोलर डिसऑर्डर बीमारी क्या है?

क्या है बाइपोलर डिसऑर्डर?
बाइपोलर डिसऑर्डर एक तरह का मानसिक रोग है। जिसमें पीड़ित व्यक्ति का मन कई हफ्तों या महीनों तक या तो काफी उदास रहेगा या फिर बेहद खुश रहता है। उदासी की स्थिति में कई तरह के विचार आते हैं। ये विचार ज्यादातर नकारात्मक होते हैं। यह बीमारी लगभग 100 में से एक व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी होती है। इस बीमारी की शुरुआत 14 साल से 19 साल के अंतर्गत होती है। इस बीमारी से महिलाएं हों या पुरुष दोनों समान रूप से प्रभावित होते हैं। 40 साल की उम्र के बाद इस बीमारी के गोने की संभावना काफी कम हो जाती है। बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति को समाज में संबंध बनाए रखने और काम करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण
बाइपोलर डिसऑर्डर एक मानसिक लक्षण है, जिसके कारण इसके बहुत अधिक लक्षण नहीं है। लेकिन इसके जो भी लक्षण हैं, उन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है।

पल-पल मूड का बदलना: अगर किसी व्यक्ति का मूड पल-पल में बदल रहा है। कभी वह बहुत खुश तो कभी बेहद दुखी हो रहा है और यही स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो यह बाइपोलर डिसऑर्डर हो सकता है।

मन में तेजी के लक्षण: इसमें मरीज के लक्षण कई बार इतने अधिक बढ़ जाते हैं कि मरीज का वास्तविकता से संबंध टूट जाता है। बिना किसी कारण मरीज को कई बार कान में आवाजें सुनाई देने लगती हैं। ऐसा भी होता है कि मन में अत्यधिक तेजी के कारण मरीज इधर-उधर भी भागने लगता है।

बाइपोलर डिसऑर्डर की बीमारी की कई दवाईयां हैं। इसे ठीक करने के लिए अलग-अलग तरह की थेरेपी हैं। इसका उपचार धीमा होता है, ऐसे में मरीज और उसके परिवार को धैर्य रखने की आवश्यकता होती है। लेकिन दवाई के साथ-साथ मरीज की काफी देखभाल भी करनी होती है।