मुंबई। 'गोरी तेरा गांव बड़ा प्यारा', 'सुरमई अंखियों में', 'जब दीप जले आना', 'तुझे गीतों में ढालूंगा', 'चांद जैसे मुखड़े पे बिंदिया सितारा' जैसे कर्णप्रिय गीत हिंदी सिनेमा को देकर दक्षिण भारत में संगीत सरिता बहा रहे के.जे. येसुदास 10 जनवरी को अपना 77वां जन्मदिन मना रहे हैं। फिल्म 'चितचोर' के लिए गीत गाकर संगीत-प्रेमियों का चित चुराने वाले कट्टास्सेरी जोसेफ येसुदास हिंदी फिल्म संगीत के क्षितिज पर चांद की तरह उभरे और अपनी नायाब मखमली आवाज के कारण आज भी बेजोड़ बने हुए हैं। उन्हें संगीत विरासत में मिला, जिसे उन्होंने न केवल बखूबी संभाला, बल्कि दस कदम आगे तक ले गए। दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत तक में अपने सुरों की धाक जमाने वाले पावव गायक येसुदास का जन्म आजादी से पहले 10 जनवरी, 1940 में केरल के कोच्चि शहर में हुआ था। उन्होंने मलयालम, तमिल, कन्नड़, हिंदी सहित कई भाषाओं में गीत गाए हैं।