जब Sushant ने लिखा था- "यूंही मर मर के जिएं वक्त गुजारे जाएं, जिंदगी हम तेरे हाथों से न मारे जाएं"

By: Sunita Adhikari
| Published: 15 Jun 2020, 11:42 AM IST
जब Sushant ने लिखा था-
Sushant Singh Rajput Post

  • एक पोस्ट में सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) लिखा था, यूंही मर मर के जिएं वक्त गुजारे जाएं, जिंदगी हम तेरे हाथों से न मारे जाएं।

नई दिल्ली: फिल्म इंडस्ट्री के लिए 2020 बहुत ही बुरा साबित हो रहा है। पहले इरफान खान (Irrfan Khan), ऋषि कपूर (Rishi Kapoor), वाजिद खान और अब सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) ने दुनिया को अलविदा कह दिया। सुशांत ने मुंबई (Mumbai) स्थित अपने घर फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक वह डिप्रेशन का इलाज करवा रहे थे। सुशांत बीते 6 महीने से डिप्रेशन में थे। उनकी मौत से हर कोई सदमे में हैं। सुशांत ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल (Sushant Singh Rajput Instagram) से आखिरी पोस्ट अपनी मां के लिए किया था। लेकिन इससे भी कहीं ज्यादा चौंकाने वाले हैं उनके पुराने पोस्ट, जिसमें उन्होंने अपने दिल की बातें कही थीं। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था, यूंही मर मर के जिएं वक्त गुजारे जाएं, जिंदगी हम तेरे हाथों से न मारे जाएं।

अपनी एक तस्वीर के साथ सुशांत सिंह राजपूत ने अहमद फराज की कुछ लाइनें लिखी हैं। "यूंही मर मर के जिएं वक़्त गुज़ारे जाएं, ज़िंदगी हम तिरे हाथों से न मारे जाएं...अब ज़मीं पर कोई गौतम न मोहम्मद न मसीह, आसमानों से नए लोग उतारे जाएं...वो जो मौजूद नहीं उस की मदद चाहते हैं, वो जो सुनता ही नहीं उस को पुकारे जाएं...हम कि नादान जुआरी हैं सभी जानते हैं, दिल की बाज़ी हो तो जी जान से हारे जाएं।" उनकी इस पोस्ट पर अब लोग कमेंट कर रहे हैं कि आपके कैप्शन का असली मतलब कोई समझा ही नहीं। कोई लिखता है कि सर ये कैप्शन बहुत कुछ कहता है।

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यूँही मर मर के जिएँ वक़्त गुज़ारे जाएँ, ज़िंदगी हम तिरे हाथों से न मारे जाएँ अब ज़मीं पर कोई गौतम न मोहम्मद न मसीह, आसमानों से नए लोग उतारे जाएँ वो जो मौजूद नहीं उस की मदद चाहते हैं, वो जो सुनता ही नहीं उस को पुकारे जाएँ हम कि नादान जुआरी हैं सभी जानते हैं, दिल की बाज़ी हो तो जी जान से हारे जाएँ... ~ अहमद फ़राज़ ❤️

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सुशांत ने इस पोस्ट के अलावा कई तस्वीरों पर ऐसे ही कैप्शन लिखें हैं। जिनको पढ़कर हर कोई हैरान है। सबका कहना है कि वह काफी वक्त से परेशानी से जूझ रहे थे लेकिन कोई उन्हें समझ नहीं पाया। इसके अलावा सुशांत ने ट्विटर (Sushant Twitter Cover Picture) पर भी एक कवर तस्वीर लगाई थी। ये तस्वीर अद्वितीय डच चित्रकार और शिल्पकार विंसेंट वैन (Vincent Van) की है। इस तस्वीर को बनाते वक्त वह डिप्रेशन से जूझ रहे थे और इसके बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। ऐसे में सुशांत द्वारा इस तस्वीर का इस्तेमाल करना भी काफी कुछ कहता है।

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अपना ग़म ले के कहीं और न जाया जाये घर में बिखरी हुई चीज़ों को सजाया जाये जिन चिराग़ों को हवाओं का कोई ख़ौफ नहीं उन चिरागों को हवाओं से बचाया जाये ———————- बाग़ में जाने के आदाब हुआ करते हैं किसी तितली को न फूलों से उड़ाया जाये घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूं कर लें किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाये ~ निदा फ़ाज़ली Good morning 🙏❤️✊🦋🌪 ☀️

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