
Badaun SDM Judicial Court: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एसडीएम न्यायिक कोर्ट से प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नाम नोटिस जारी कर दिया गया। इसमें राज्यपाल को कोर्ट में मौजूद रहकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया गया था। इस नोटिस के संज्ञान में आते ही शासन तक हड़कंप मच गया। इसके बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के विशेष सचिव ने विधि व्यवस्था को नजरअंदाज होने पर एसडीएम न्यायिक कोर्ट को कड़ी चेतावनी जारी की है। इस नोटिस के बाद बदायूं जिले में भी हड़कंप मचा है।
मामला बदायूं जिले के थाना सिविल लाइंस क्षेत्र का है। यहां गांव लोड़ा बहेड़ी निवासी चंद्रहास ने सदर तहसील के एसडीएम न्यायिक कोर्ट में एक परिवाद दायर किया। इसमें विपक्षी पक्षकार के रूप में लेखराज, पीडब्ल्यूडी के संबंधित अधिकारी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को दर्शाया गया। इसमें चंद्रहास ने आरोप लगाया कि उसकी चाची कटोरी देवी की संपत्ति उनके एक रिश्तेदार ने अपने नाम दर्ज करवा ली है। इसके बाद उस जमीन को लेखराज के नाम बेच दिया गया।
चंद्रहास ने दायर वाद में बताया कि कुछ दिन बाद बदायूं बाईपास बहेड़ी के पास स्थित उस जमीन का कुछ हिस्सा शासन ने अधिग्रहीत कर लिया। इसमें लेखराज को शासन की ओर से 12 लाख रुपये का मुआवजा मिला। इसकी जानकारी होने पर कटोरी देवी की ओर से चंद्रहास ने एसडीएम न्यायिक कोर्ट में परिवाद दायर किया। इसके बाद एसडीएम न्यायिक कोर्ट ने आरोपी लेखराज, पीडब्ल्यूडी के संबंधित अधिकारी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को कोर्ट में हाजिर होकर अपना पक्ष रखने का नोटिस जारी कर दिया। इसमें राजस्व संहिता की धारा 144 में दिए गए अधिकारों का इस्तेमाल बताया गया। हालांकि राज्यपाल को नोटिस मिलने के बाद उनके विशेष सचिव बद्री नाथ सिंह ने एसडीएम न्यायिक कोर्ट को संविधान के अनुच्छेद 361 का पूर्णतया उल्लंघन बताते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है।
Updated on:
27 Oct 2023 03:02 pm
Published on:
27 Oct 2023 11:43 am
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