
बदायूं। सत्ता में होने पर नेताओं में अहंकार किस हद तक हावी होता है इसकी बानगी उस समय देखने को मिली जब यूपी सरकार में वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल से आगरा में उनके द्वारा सरकारी गेस्ट हाउस को रजिस्ट्री ऑफिस में तब्दील कर रजिस्ट्री कराने पर सवाल किया गया। जवाब में मंत्री ने कहा कि इसमें कोई वीआईपी कल्चर नहीं है, आप लोग मुझसे यहां बात करने इसीलिए आए हैं कि मैं मंत्री हूं। यूपी के वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल का यह भी कहना था कि कोई भी व्यक्ति निर्धारित सरकारी फीस को जमा करके कहीं भी रजिस्ट्री करा सकता है।
फीस जमा करो, कहीं भी कराओ रजिस्ट्री!
उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को आगरा में रजिस्ट्री कराई थी, चूंकि रजिस्ट्री मंत्री जी को करानी थी इसलिए अधिकारियों ने मंत्री जी की सहूलियत के लिए गेस्ट हाउस को ही रजिस्ट्री कार्यालय बना दिया, जो विवाद का विषय बन गया था। जब मंत्री राजेश अग्रवाल बदायूं आए तो उनसे इस वीआईपी कल्चर पर सवाल किया गया तो मंत्री का जवाब हैरान करने वाला था। मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि आप लोग मुझसे मिलने यहां इसीलिए आए हैं क्योंकि मैं मंत्री हूं। आगरा में रजिस्ट्री कराने के लिए गेस्ट हाउस को ही दफ्तर बना देने में मंत्री को कुछ भी गलत नहीं लगा, मंत्री साफ कहना था कि कोई भी व्यक्ति सरकारी फीस जमा करके कहीं भी रजिस्ट्री कराने की सुविधा प्राप्त कर सकता है।
कैश कमी के पीछे साजिश
प्रदेश में बैंकों में कैश की कमी पर उन्होंने कहा कि किसी साजिश के तहत यह षड्यंत्र किया जा रहा है। जिस पर सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया और समस्या को दूर किया, मंत्री ने कहा कि यह समस्या केवल उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि कई अन्य राज्यों में उत्पन्न हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी न्यायाधीश के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
Published on:
22 Apr 2018 10:17 am
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