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योगी सरकार में बड़ा घोटाला, करोड़ों की खाद बंटने से पहले ही हो गई गायब

जांच के बाद इन अफसरों पर गाज गिरना तय मानी जा रही है। फिलहाल अफसर ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि गायब हुई खाद कहाँ है।

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बदायूं। जिले में तीन करोड़ की खाद का घोटाला सामने आया है। यहाँ पर किसानों के लिए आई करीब तीन करोड़ की खाद गोदाम में पहुंचने के पहले ही गायब हो गई। इस खाद घोटाले में कई विभागीय अफसरों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। जांच के बाद इन अफसरों पर गाज गिरना तय मानी जा रही है। फिलहाल अफसर ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि गायब हुई खाद कहाँ है। चर्चा है कि बरेली से चली खाद की एक रेक गोदाम तक पहुंची ही नहीं उसे रास्ते में ही गायब कर दिया गया। खाद घोटाले के खुलासे के बाद पीसीएफ के अफसरों और कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।

किसानों की शिकायत पर हुआ खुलासा
रबी की फसल के लिए जब किसानों को खाद की जरूरत पड़ी तो किसानों को खाद नहीं मिल पाई जिसकी शिकायत अफसरों से की गई। अफसरों ने जब इसकी जांच की तो ये घोटाला सामने आया। बरेली से यूरिया, एनपीके और डीएपी बरेली से बदायूं आती है और उसे पीसीएफ के गोदाम तक पहुंचाया जाता है लेकिन इस बार यूरिया की पूरी रैक गोदाम तक पहुंची ही नहीं बल्कि उसे रास्ते में ही गायब कर दिया गया। जांच 3102 मीट्रिक टन यूरिया, डीएपी और एनपीके कम मिली। ये कम कैसे हुई इसका जवाब किसी के पास नहीं है। मामले की जांच कर रही टीम ने जांच रिपोर्ट डीएम को दी है।

अफसरों पर हो सकती है कार्रवाई
इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह के पास पहुंच चुकी है। सूत्रों की मानें तो टीम ने पूरे मामले में पीसीएफ अफसरों, कर्मचारियों और ठेकेदारों को जिम्मेदार बताया गया है। साथ ही सभी समितियों की जांच कराने की बात कही गई है। जिससे कि खाद घोटाले का पूरा सच सामने आ सके।

खड़ा हुआ खाद का संकट
बड़ी तादात में खाद गायब होने से जिले में खाद का संकट पैदा हो गया है। रबी के सीजन में किसानों को खाद की ज्यादा जरूरत होती है लेकिन खाद घोटाला होने पर उन्हें सरकारी दाम पर खाद नहीं मिल पाएगी और किसानों को खुले बाजार से ज्यादा दामों पर खाद खरीदनी पड़ेगी।