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Budget 2021: आयकर स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं, फिर भी बजट में टैक्स को लेकर हुए ये पांच अहम बदलाव

HIGHLIGHTS बजट 2021 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स ऑडिट की सीमा में बढ़ोतरी करने की बड़ी घोषणा की है। बजट में ये घोषणा की गई है कि अब टैक्स असेसमेंट के केस को तीन साल में दोबारा खोले जा सकेंगे। एक फेसलेस इनकम टैक्स अपील ट्रिब्युनल की व्यवस्था करने की बात कही है।

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Budget 2021: No change in income tax slab, yet these five important changes in the budget related to tax

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (1 फरवरी) को आम बजट पेश किया। यह तीसरा अवसर था जब निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के कार्यकाल में बजट पेश किया। इस बजट से नौकरीपेशा से लेकर आम लोगों को काफी उम्मीदें थी। सबसे अधिक टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीदें थी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हालांकि, टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं होने के बावजूद भी टैक्स से जुड़ी पांच अहम घोषणाएं की गई।

टैक्स ऑडिट की सीमा हुई दोगुनी

इस बार के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहली जो सबसे बड़ी घोषणा की है वह है टैक्स ऑडिट की सीमा में बढ़ोतरी करना। टैक्स ऑडिट की सीमा 5 करोड़ रुपये के टर्नओवर से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक कर दिया गया है। इससे पहले इस सीमा को 1 करोड़ रुपये के टर्नओवर से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया था। यह फायदा उन्हें सबसे अधिक मिलेगा जो करीब 95 फीसदी ट्रांजेक्शन डिजिटल माध्यम से करते हैं।

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75 साल से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों को बड़ी राहत

सरकार ने इस बार के बजट में 75 साल से अधिक आयुवर्ग के बुजुर्गों को एक बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि 75 साल के अधिक उम्र के लोगों पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि, इसमें ये शर्त जोड़ दी गई है कि ये छूट उन्हें सिर्फ पेंशन और ब्याज से हुई कमाई पर ही दी जाएगी। अन्य किसी भी कमाई (रेंट हो या कोई अन्य स्त्रोत) पर टैक्स पर छूट नहीं मिलेगी बाकी किसी तरीके से हुए कमाई पर नहीं मिलेगी।

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना हुआ आसान

अब आयकर रिटर्न भरना पहले की अपेक्षा आसान कर दिया गया है। अब तक की व्यवस्था में फॉर्म में पहले से ही नाम, पता, सैलरी पर लगा टैक्स, टैक्स का भुगतान, टीडीएस जैसी जानकारियां भरी हुई आती थीं, जबकि बाकी चीजें भरनी पड़ती थी। ऐसे में थोड़ा समय ज्यादा लगता था और आम लोगों को पेचिंदा लगता था। हालांकि, अब ITR फॉर्म में लिस्टेड सिक्योरिटीज से हुए कैपिटल गेन्स की जानकारी, डिविडेंड इनकम की जानकारी और बैंक-पोस्ट ऑफिस से मिले ब्याज की जानकारी भी पहले ही भरी हुई मिलेगी।

3 साल में दोबारा खोले जा सकेंगे टैक्स केस

इस बार के बजट में ये घोषणा की गई है कि अब टैक्स असेसमेंट के केस को तीन साल में दोबारा खोले जा सकेंगे। यह अवधि पहले 6 साल की थी। इससे बड़ा फायदा ये होगा कि करदाताओं को लंबे समय तक अनिश्चितता में नहीं रहना होगा। जबकि जहां पर एक साल में 50 लाख रुपये या उससे अधिक की टैक्स चोरी के सबूत मिलते हैं, उन्हें भी 10 साल में दोबारा खोला जा सकेगा।

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फेसलेस इनकम टैक्स अपील ट्रिब्युनल की व्यवस्था

सरकार ने इस बार के बजट में एक फेसलेस इनकम टैक्स अपील ट्रिब्युनल की व्यवस्था करने की बात कही है। इसके तहत एक नेशनल इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्युनल सेंटर बनाया जा रहा है। इस नई व्यवस्था में अब सबकुछ डिजिटल तरीके से होगा। हालांकि, किसी परिस्थिति में यदि करदाता की उपस्थिति जरुरी हुआ भी तो वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कर सकेगा।