
बुलंदशहर. कोरोना वारस से देशभर में फैली महामारी बीच जहां नेकदिल इंसानों ने गरीब और परेशान हाल लोगों के लिए अपनी तिजोरी खोल रखी हो, लेकिन कुछ तंगदिल सरकारी अफसर मुश्किल की इस घड़ी में भी गरीबों के राशन पर डाका डालकर इंसानियत को शर्मसार करने में लगे हैं। इंसानियत को शर्मसार करने वाला ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में सामने आया है। यहां प्रशासन ने गरीबों के राशन की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा कर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। खासबात यह है कि गरीबों के हक पर डाका सरकारी अफसर की मिलीभगत से डाला जा रहा था।
डीएम बुलंदशहर के आदेश पर बीती रात प्रशासन, मार्केटिंग और खाद्य आपूर्ति विभाग की तीन संयुक्त टीमों ने बुलंदशहर के स्याना, बीबीनगर और गुलावठी स्थित खाद्य विपणन विभाग के गोदामों पर छापेमारी की। स्याना के गोदाम में छापेमारी के दौरान अधिकारियों की आंखे उस समय फ़टी की फटी रह गई, जब गोदाम में 1611 बोरे गेहूं और 1045 बोरे चावल स्टॉक से कम मिले।
यह खाद्यान कोरोना वायरस बीमारी के मद्देनजर गरीब तबके को मुफ्त में बांटा जाना था, लेकिन अफसरों की मिलीभगत ने खाद्यान को गरीब की रसोई में पहुंचने से पहले ही गायब कर दिया। हालांकि, बीबीनगर और गुलावठी के गोदामों में खाद्यान का स्टॉक ठीक मिला। कालाबजारी का बड़ा मामला पकड़ में आने से जहां प्रशासन में हडकम्प मचा हुआ है। वहीं, प्रशानिक टीम ने क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही डीएम ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।
Published on:
05 Apr 2020 02:08 pm
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