
बुलंदशहर हिंसा: FIR में दर्ज है भीड़ की बर्बरता की पूरी कहानी, इस तरह हुई थी इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या
बुलंदशहर. स्याना कोतवाली एरिया के चिंगरावठी चौकी के पास कथित गौकशी को लेकर भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार समेत 2 की मौत हो गई। इस घटना की एफआईआर सब इंस्पेक्टर सुभाष चंद ने वादी के तौर पर दर्ज कराई है। इस मामले में 27 नामजद और 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में हिंसा का मुख्य आोपी पुलिस ने बजंरग दल के नेता योगेश राज को बनाया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस ने 4 को गिरफ्तार व 4 से 5 को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
पुलिस ने दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि सुभाष ने पूरी घटना को अपनी आंखों से देखा और बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई। इस हिंसा का मुख्य आरोपी व बजरंग दल का नेता योगेश राज घटना के समय मौके पर मौजूद और लोगों को भड़का रहा था। यह एफआईआर में दर्ज है। सब इंस्पेक्टर सुभाष चंद की तहरीर पर दर्ज हुई एफआईआर के मुताबिक 3 दिसंबर 2018 को गांव महाव में गोकशी की सूचना मिलने पर स्याना कोतवाली प्रभारी मौके पर गए थे। प्रभारी सुबोध कुमार सिंह के साथ सब इंस्पेक्टर सुभाष चंद, दरोगा शीशराम सिंह, वीरेंद्र सिंह, कांस्टेबल अमीर आलम, जितेंद्र कुमार, शैलेद्र व प्रेमपाल और होमगार्ड राजेद्र, दिनेश सिंह व प्रेम प्रकाश के साथ टाटा सूमो यूपी 13 एजी 0452 में रवाना हुए। टाटा सूमो को रामआसरे चला रहे थे।
वहां गोकशी के शक में 400 से 500 लोगों की भीड़ जमा था। इनमें योगेश राज, देवेंद्र, उपेंद्र राघव, रवि सैनी, आशीष चौहान, शिखर अग्रवाल, राजकुमार, जीतू, सचिन, विशाल त्यागी, सतेंद्र राजपूत, चमन के नेतृत्व में 50 से 60 महिलाएं और पुरुष इक्टठा थे। ये इस दौरान प्रदर्शन कर रहे थे। यहां सुबोध कुमार ने उन्हें जाम रोड से हटाने का प्रयास किया। लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। हिंसा का मुख्य आरोपी योगेश राज भीड़ के साथ करीब 1 बजकर 35 मिनट पर चिंगरावठी पुलिस चौकी के सामने इक्टठा हो गए। साथ ही मौके पर पथराव कर दिया। इस दौरान एसडीएम स्याना व सीओ स्याना भीड़ को समझाते बुझाते रहे। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनेे की बात कहते रहे। एफआईआर में दर्ज योगेेश राज और उसके सहयोगी भीड़ को हिंसा के लिए उकसाते रहे। कुछ लोग अवैध हथियारों से फायरिंग करते रहे है।
उधर बेकाबू भीड़ ने पथराव किया और पुलिस पर जान से मारने के लिए हमला कर दिया। इस दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को गोली मार दी गई। जिससे उन्हें चोटों आ गई। भीड़ ने उन्हें घेर लिया और निजी लाईसेंसी पिस्टल, तीन मोबाइल फोन, सीयूजी सिम भीड़ ने छीन लिए। सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार की खुद की वैगनआर कार, सरकारी टाटा सूमो कार, सीओ टाटा सूमो कार व अन्य सरकारी संपत्ति में आ लगा दी। मौके पर अराजकता का माहौल फेल गया। बवाल को देखते हुए राहगीर रास्ता बदलकर अपनी जान बचाने लगे। सीओ स्याना ने अपनी जान बचाने के लिए खुद को चौकी के कमरे में बंद कर लिया। उधर आक्रोशित आगे बढ़ती जा रही थी। स्याना कोतवाली इंजार्च सुबोध कुमार उपचार के लिए सरकारी वाहन में बैठाने लगे तो उग्र भीड़ ने फिर से हमला बोल दिया। बाद में उन्हें गंभीर चोटें आई। वहीं चौकी में बंद सीओ ने मौके पर पुलिसफोर्स बुलाया। जिसके के बाद में औरंगाबाद, शिकारपुर, बीबीनगर, नरसैना, खानपुर कोतवाली प्रभारी समेत भारी पुलिस ब मौके पर पहुंचे। इस दौरा कमरे का दरवाजा तोड़कर सीओ को निकाला गया। वहीं इंस्पेक्टर को उपचार के सीएचसी ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
Published on:
04 Dec 2018 06:32 pm
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